वॉयस ऑफ पानीपत ( हिमांशी चावला ) – रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हरियाणा के यमुनानगर जिले के पंजेटो गांव के रहने वाले गुरप्रीत सिंह बाठ की एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। गुरप्रीत मर्चेंट नेवी में काम करते थे और पिछले करीब 8 सालों से समुद्री जहाजों पर नौकरी कर रहे थे। उनकी मौत के बाद अब परिवार के सामने सबसे बड़ी परेशानी उनके शव की पहचान को लेकर खड़ी हो गई है। जानकारी के मुताबिक, 19 जुलाई को गुरप्रीत जिस व्यापारी जहाज MV Golden Leo पर तैनात थे, वह यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था। बंदरगाह से निकलने के कुछ समय बाद ही जहाज पर क्रूज मिसाइल के जरिए हमला कर दिया गया। हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई जिसके बाद इस हादसे में गुरप्रीत सिंह समेत 4 भारतीय नाविकों की मौत हो गई और इसमें से 1 गंभीर रुप से घायल हैं।बताया जा रहा है कि करिब 10 लोगो की मौत हो गई है।

इस शिप पर तैनात था यमुनानगर का गुरप्रीत
मिसाइल हमले के बाद जहाज में लगी आग इतनी भयानक थी कि कई शव बुरी तरह जल गए। इसी वजह से शवों की पहचान सामान्य तरीके से नहीं हो पा रही है। अब गुरप्रीत के शव की पहचान DNA टेस्ट के जरिए की जाएगी। इसके लिए उनके परिवार से सम्पंर्क किया गया है और उनके पिता का DNA मंगवाया गया बताया जा रहा है कि DNA की रिपोर्ट ईमेल के जरिए भेजी जाएगी ताकि पहचान की जा सके की शव गुरप्रीत का ही है। साथ ही ये भी बताया जा रहा है की गुरप्रीत अपने परिवार का इकलौते कमाने वाला सदस्य था। उनके पिता की एक टांग पहले ही दुर्घटना में कट चुकी है, इसलिए घर का पूरा खर्च गुरप्रीत की कमाई से चलता था। उनकी शादी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी और उनका छह महीने की एक बेटा भी है। बेटे की मौत की खबर के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है।

गुरप्रीप के पिता
हादसे से कुछ समय पहले ही गुरप्रीत ने अपने परिवार से वीडियो कॉल पर बात की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। इसके कुछ घंटों बाद जहाज पर हुए मिसाइल हमले ने उनकी जिंदगी छीन ली। लेकिन अभी तक ये पुष्टी नहीं की गई है की शव कब तक भारत लाया जाएगा वहीं उन्होंने ये भी कहा की भारत सरकार को इस हमले के बाद रुस के दूतावास को तलाब कर अपना विरोध दर्ज करना चाहिए। वहीं उन्होने ये भी कहा की अभी तक कोई भी अधिकारी घर पहुंचकर हाल जाना है और न ही कोई सहायता या आश्वासन दिया है। गुरप्रीत के पिता निर्मल सिंह ने बेटे की पहचान के लिए अपना DNA सैंपल दे दिया है। अब परिवार को रिपोर्ट का इंतजार है। गुरप्रीत के मामा अमरजीत सिंह ने बताया कि जहाज कंपनी लगातार परिवार के संपर्क में है और उन्हें पूरी जानकारी दी जा रही है।गुरप्रीत की मौत ने पूरे पंजेटो गांव को गम में डुबो दिया है। अब परिवार और गांव के लोग DNA रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें अपने बेटे को आखिरी विदाई देने का मौका मिल सके।
TEAM VOICE OF PANIPAT

