पीढ़ियों से बिना मालिकाना हक के घर में रहने वाले परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब इन परिवारों को उन घरों का मालिकाना हक मिलेगा और जिस जमीन पर उनका घर बना हुआ है, उसका हक सरकार द्वारा दिया जाएगा। इसके लिए 4000 गांवों के लाखों परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलने वाला है।
पंजाब सरकार द्वारा ऐसे परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देने के लिए ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना की शुरुआत की है। पंजाब में लाखों की संख्या में लोग लाल लकीर वाले यानी लाल डोरा के अंतर्गत आने वाली जमीन में रहते है, लेकिन उनका घर बना हुआ है, लेकिन उनका हमेशा डर रहता था कि कहीं सरकार उसको खाली नहीं करवा दे, लेकिन अब पंजाब सरकार ने इसका हक दे दिया है।
हालांकि इससे पहले हरियाणा सरकार भी लाल डोरा जमीन के अंतर्गत यानी शामलती जमीन पर वर्षों से बने हुए मकानों के मालिकों को जमीन का हक की योजना शुरू कर चुकी है। इसका हरियाणा के कई जिलों में हजारों लोग इस स्कीम का फायदा उठा चुके हैं।
पंजाब सरकार के अनुसार इस योजना में करीब 4000 गांवों को शामिल किया जाएगा। कई परिवार पीढ़ियों से एक ही घर में रह रहे हैं लेकिन उनके पास मालिकाना हक से जुड़े पूरे दस्तावेज नहीं हैं, लेकिन अब नई योजना से उनको मालिकाना हक मिलने वाला है।
पंजाब में लाल लकीर क्षेत्र क्या है?
लाल लकीर गांव के उस हिस्से को कहा जाता है, जहां लोग रहते हैं। पुराने समय में गांव की आबादी वाले क्षेत्र को लाल रंग की रेखा से चिह्नित किया जाता था। वहीं हरियाणा में इसको लाल डोरा की जमीन कहा जाता है। इस क्षेत्र में आमतौर पर घर और अन्य आवासीय संपत्तियां होती हैं। यह आसपास की खेती की जमीन से अलग होता है।
कई परिवार इन इलाकों में कई पीढ़ियों से रह रहे हैं, लेकिन उनके घरों के मालिकाना हक के पूरे दस्तावेज सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। इस वजह से उन्हें घर के मालिकाना हक को साबित करने, संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझाने या बैंक से लोन लेने में परेशानी हो सकती है।

