हरियाणा में प्रॉपर्टी आईडी के नियमों में बदलाव किया गया है। अब प्रॉपर्टी आइडी के रिकार्ड को दुरुस्त करने के लिए मालिक का मोबाइल नंबर अपडेट होना जरूरी कर दिया है। इसके लिए परिषद में अब दस्तावेज जमा होने शुरू हो गए हैं। प्रॉपर्टी आईडी रिकॉर्ड को दुरुस्त कराने के लिए अब ऑनलाइन प्रक्रिया के साथ दस्तावेज जमा करवाना जरूरी हो गया है। प्रॉपर्टी मालिक को पहले पोर्टल पर सेल्फ वेरिफिकेशन और रिकॉर्ड में गलती होने पर ऑनलाइन ऑब्जेक्शन दर्ज करना होगा। इसके बाद संबंधित दस्तावेज नगर परिषद में जमा करवाए जाएंगे।
प्रॉपर्टी आईडी में मोबाइल नंबर अपडेट होने के बाद एनडीसी पोर्टल पर मालिक का एक्सक्लूसिव एक्सेस रहेगा। इसके चलते किसी थर्ड पर्सन द्वारा उस प्रॉपर्टी आईडी पर ऑनलाइन ऑब्जेक्शन नहीं लगाया जा सकेगा। नगर परिषद ने प्रक्रिया के लिए विशेष कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित की है।
जिन प्रॉपर्टी मालिकों ने पोर्टल पर अपनी प्रॉपर्टी आईडी को लेकर ऑनलाइन ऑब्जेक्शन दर्ज किया है और सेल्फ वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की है, उन्हें निर्धारित दस्तावेज नगर परिषद में जमा करवाने होंगे।
मोबाइल नंबर अपडेट होने से बढ़ेगी सुरक्षा
प्रॉपर्टी आईडी में मोबाइल नंबर अपडेट होने के बाद संबंधित प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो जाएगा। मोबाइल नंबर अपडेट होने के बाद एनडीसी पोर्टल पर प्रॉपर्टी आईडी को केवल संबंधित प्रॉपर्टी मालिक ही खोल सकेगा। इससे किसी अन्य व्यक्ति या थर्ड पर्सन द्वारा प्रॉपर्टी आईडी पर ऑनलाइन ऑब्जेक्शन लगाने की संभावना भी खत्म हो जाएगी। नगर परिषद का उद्देश्य प्रॉपर्टी रिकॉर्ड को सही करने के साथ-साथ ऑनलाइन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाना है।
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नंबर सही तरीके से अपडेट होने के बाद प्रॉपर्टी मालिक को अपनी संपत्ति से संबंधित ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी भी मिल सकेगी। जिन लोगों ने अभी तक अपनी प्रॉपर्टी आईडी का सेल्फ वेरीफिकेशन नहीं किया है, वे पोर्टल पर रिकॉर्ड की जांच कर प्रक्रिया पूरी करें। रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर समय रहते ऑनलाइन ऑब्जेक्शन दर्ज कर दस्तावेज जमा करवाने से प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड दुरुस्त कराया जा सकता है।
प्रॉपर्टी मालिक सेल्फ वेरिफिकेशन पूरा करें
नगर परिषद हांसी के ईओ राजेंद्र सोनी ने बताया कि प्रॉपर्टी मालिक अपनी प्रॉपर्टी आईडी का रिकॉर्ड पोर्टल पर चेक कर सेल्फ वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें। रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर ऑनलाइन ऑब्जेक्शन दर्ज करने के बाद संबंधित दस्तावेज नगर परिषद में जमा करवाना जरूरी है। प्रॉपर्टी आईडी में मोबाइल नंबर अपडेट होने से रिकॉर्ड की सुरक्षा बढ़ेगी और एनडीसी पोर्टल पर संबंधित प्रॉपर्टी का एक्सेस केवल अधिकृत मालिक के पास रहेगा। शहरवासियों की सुविधा के लिए नगर परिषद में विशेष कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

