प्रैक्टिसिंग ओरल पैथोलॉजिस्ट्स एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन (POPMA) का तीन दिवसीय POPCON 2026 का ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. निधि जाधव के मार्गदर्शन में आयोजन किया। दो से चार अक्टूबर तक हुए इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से 400 से अधिक डॉक्टरों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
ऑर्गनाइजिंग जॉइंट सेक्रेटरी डॉ. शिवानी मुंगला ने आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं कोऑर्डिनेशन वर्क में सक्रिय भूमिका निभाई, जबकि ऑर्गनाइजिंग ट्रेज़रर डा. अनुज कालरा ने कॉन्फ्रेंस से संबंधित टेक्निकल ऑनलाइन , फाइनेंशियल एवं एडमिनिस्ट्रेटिव व्यवस्थाओं को संभाला। सम्मेलन में ओरल पैथोलॉजी में नई तकनीकों पर मंथन किया गया और नई तकनीक से संबंधित नए शोध प्रस्तुत किए गए।
कॉन्फ्रेंस की थीम नेक्स्ट जेन ओरल पैथोलॉजी: प्रैक्टिसेज एंड ट्रांसफॉर्मेशंस रही। कॉन्फ्रेंस में ओरल पैथोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे मॉडर्न एवं टेक्निकल बदलावों, लेटेस्ट रिसर्च, मॉडर्न डायग्नोसिस मेथड्स तथा भविष्य की मेडिकल संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कॉन्फ्रेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से डिजीज डायग्नोसिस, डिजिटल हेल्थ एवं टेली-कंसल्टेशन, ओडोन्टोजेनिक ट्यूमर्स, टिश्यू मॉर्फोमेट्री, टोबैको सेसेशन एवं अवेयरनेस, थैलेसीमिया अवेयरनेस तथा ओरल पैथोलॉजी की प्राइवेट प्रैक्टिस जैसे महत्वपूर्ण एवं करंट टॉपिक्स पर एक्सपर्ट्स द्वारा लेक्चर्स दिए गए।
कॉन्फ्रेंस में यंग डॉक्टर्स एवं स्टूडेंट्स की एक्टिव पार्टिसिपेशन देखने को मिली। साइंटिफिक प्रेजेंटेशंस के माध्यम से पार्टिसिपेंट्स को अपने रिसर्च वर्क को प्रस्तुत करने के साथ-साथ देशभर के एक्सपर्ट्स से सीखने और अपने प्रोफेशनल नॉलेज को और बेहतर बनाने का अवसर मिला।
कॉन्फ्रेंस के कॉन्फ्रेंस सेक्रेटरी डॉ. भुवन नागपाल ने कॉन्फ्रेंस के कोऑर्डिनेशन एवं आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. स्वप्निता पाटिल ने कॉन्फ्रेंस की आयोजन संबंधी एक्टिविटीज एवं प्रोग्राम्स के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ऑर्गनाइजिंग जॉइंट सेक्रेटरी डॉ. शिवानी मुंगला ने आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं कोऑर्डिनेशन वर्क में सक्रिय भूमिका निभाई, जबकि ऑर्गनाइजिंग ट्रेज़रर डॉ. अनुज कालरा ने कॉन्फ्रेंस से संबंधित टेक्निकल ऑनलाइन , फाइनेंशियल एवं एडमिनिस्ट्रेटिव व्यवस्थाओं को संभाला।
साइंटिफिक प्रोग्राम्स एवं एजुकेशनल एक्टिविटीज के सफल संचालन में साइंटिफिक कन्वीनर डॉ. डेविन अर्नोल्ड का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके कोऑर्डिनेशन में साइंटिफिक सेशंस, रिसर्च प्रेजेंटेशंस एवं अन्य एजुकेशनल प्रोग्राम्स को व्यवस्थित रूप से आयोजित किया गया।
पॉपकॉन 2026 के आयोजन में डॉ. सैकत चक्रवर्ती, डॉ. नेहा, डॉ. निहारिका, डॉ. अब्दुल्ला सलमान वी. तथा डॉ. होनिका ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सभी ने कॉन्फ्रेंस की विभिन्न साइंटिफिक, एजुकेशनल, कोऑर्डिनेशन एवं ऑर्गनाइजिंग एक्टिविटीज में सक्रिय सहभागिता करते हुए पॉपकॉन 2026 को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस प्रकार पॉपकॉन 2026 के सफल आयोजन में डॉ. निधि जाधव, डॉ. भुवन नागपाल, डॉ. स्वप्निता पाटिल, डॉ. शिवानी मुंगला, डॉ. अनुज कालरा, डॉ. डेविन अर्नोल्ड, डॉ. सैकत चक्रवर्ती, डॉ. नेहा, डॉ. निहारिका, डॉ. अब्दुल्ला सलमान वी. तथा डॉ. होनिका सहित पूरी ऑर्गनाइजिंग कमेटी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
POPMA की ओर से बताया गया कि पॉपकॉन का उद्देश्य केवल एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन करना नहीं, बल्कि ओरल पैथोलॉजी के क्षेत्र में साइंटिफिक थिंकिंग, रिसर्च, मॉडर्न टेक्नोलॉजी और प्रैक्टिकल नॉलेज को एक मंच पर लाना है। पॉपकॉन 2026 में देशभर से मिली व्यापक पार्टिसिपेशन इस उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान एक्सपर्ट्स ने इस बात पर भी जोर दिया कि बदलती मेडिकल टेक्नोलॉजी के साथ ओरल पैथोलॉजी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और मॉडर्न डायग्नोस्टिक सिस्टम्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डॉक्टर्स एवं स्टूडेंट्स के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी एवं साइंटिफिक प्रोग्रेस से लगातार जुड़े रहना आवश्यक है।

