हरियाणा को नए मेट्रो कॉरिडोर परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। नए मेट्रो कॉरिडोर परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली एनसीआर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। नए मेट्रो कॉरिडोर परियोजना लगभग 35.25 किलोमीटर लंबी होगी। इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर 28 स्टेशन होंगे। इसका उद्देश्य गुरुग्राम और पचगांव क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
पचगांव में यह कॉरिडोर नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर से जुड़ेगा। हालांकि इस प्रोजेक्ट की पहले ही डीपीआर तैयार हो चुकी है और इसको मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी के पास भेजा हुआ था। जहां पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस परियोजना को हरी झंडी दिखा दी। इसके बाद हरियाणा में बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो दौड़ती दिखेगी। अब हरियाणा सरकार द्वारा इस परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेज दी गई है।
नए मेट्रो कॉरिडोर परियोजना की जानकारी वीरवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एचएमआरटीसी) की बोर्ड बैठक में दी गई।
हरियाणा सरकार 10 हजार 428 करोड़ रुपये करेगी खर्च
नए मेट्रो कॉरिडोर परियोजना का पूरा खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। शहरी एवं आवासन मंत्रालय में एक बैठक 22 अक्टूबर, 2024 को हुई थी। इसमें निर्णय लिया गया था कि इस परियोजना पर आने वाली लागत को हरियाणा सरकार वहन करेगी। 16 जनवरी, 2025 को राइट्स ने इस मेट्रो के निर्माण को लेकर फंड की रिपोर्ट रखी।
इसके मुताबिक निर्माण राशि में से 10 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार से ली जाएगी। बची राशि में से 20 प्रतिशत हरियाणा सरकार वहन करेगी और 80 प्रतिशत राशि बैंकों से ऋण के रूप में ली जाएगी। इस मेट्रो रूट के निर्माण में करीब 10 हजार 428 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर लोड होगा कम
नए मेट्रो कॉरिडोर परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली-जयपुर हाईवे पर यातायात दबाव कम हो जाएगा। पचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो से ग्लोबल सिटी के अलावा मानेसर औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्र के सेक्टर जुड़ेंगे। मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे लोग या तो सिटी बस, ऑटो या निजी वाहन से जाते हैं। गुरुग्राम और मानेसर के बीच में गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) की करीब 25 बस चलती हैं। मेट्रो शुरू होने पर यात्रियों को आवागमन में लाभ मिलेगा।

