हरियाणा के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों (GPS) को साफ-सुथरा व हरा-भरा बनाने के लिए मौलिक शिक्षा निदेशालय (Directorate School Education) ने बड़ा कदम उठाया है। सत्र 2026-27 के तहत स्कूलों में साफ-सफाई, घास कटाई, वॉटर हार्वेस्टिंग और बागवानी कार्यों के लिए प्रति स्कूल ₹8,000 की दर से बजट उपलब्ध कराया गया है।
इस संबंध में विद्यालय शिक्षा निदेशालय द्वारा राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखिया/SMC प्रधानों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

आदेश के मुख्य बिंदु:
- प्रति स्कूल ₹8,000 का बजट: स्कूलों में प्रांगण की सफाई, बाउंड्री वॉल के बाहर की सफाई, छत, शौचालयों व खेल मैदान की सफाई, घास कटाई और जलभराव/निकासी के प्रबंध के लिए यह राशि सीधे SMC को उपलब्ध कराई जा रही है।
- SMC के प्रस्ताव पर ही होगा खर्च: बजट खर्च करने का पूरा अधिकार स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) के पास होगा। SMC की बैठक में प्रस्ताव पारित कर आवश्यकतानुसार मासिक आधार पर यह राशि खर्च की जाएगी।
- अस्थायी या पक्की भर्ती पर पूर्ण रोक: इस बजट से किसी भी प्रकार की पक्की, अस्थायी या अनुबंध आधार पर भर्ती/नियुक्ति नहीं की जाएगी। किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर विद्यालय मुखिया सीधे जिम्मेदार होंगे।
- पार्ट टाइम वर्कर वाले स्कूलों को नहीं मिलेगा दोहरा लाभ: जिन विद्यालयों में साफ-सफाई के लिए पहले से पार्ट टाइम वर्कर (Part Time Worker) कार्यरत हैं, उन्हें इस मद से दोहरा बजट नहीं दिया जाएगा।
- उपयोगिता प्रमाण-पत्र अनिवार्य: कार्य पूरा होने के बाद स्कूल मुखिया को कार्य संतोषजनक होने का प्रमाण-पत्र और UC (उपयोगिता प्रमाण-पत्र) उच्च अधिकारियों को भेजना होगा।
शिक्षा विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बजट का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि प्राथमिक स्कूलों का वातावरण स्वच्छ और विद्यार्थियों के लिए बेहतर बन सके।

