देश की सबसे कठिन यूपीएससी परीक्षा को पास करने के लिए कई लोगों को सालों लग जाते है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला ऑफिसर की कहानी बताने वाले है। जिन्होनें इस मुश्किल परीक्षा बिना कोचिंग न सिर्फ पहले प्रयास में क्रैक किया, बल्कि शानदार रैंक के साथ वह IPS भी बनी।
कौन है IPS प्रीति चंद्रा ?
आईपीएस प्रीति चंद्रा राजस्थान के सीकर की रहने वाली हैं। साल 2021 में उन्हें बीकानेर का पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया था, जहां वह इस पद को संभालने वाली पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं।
लेडी सिंघम के नाम से जानते है लोग
वहीं अपराध पर सख्त नियंत्रण और निडर कार्यशैली के कारण उन्हें राज्य में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता है। प्रीति चंद्रा का जन्म 21 अगस्त 1979 को सीकर जिले के छोटे से गांव कूदन में हुआ। वह एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता रामचंद्र सुंडा सेना से सेवानिवृत्त हैं।
स्कूल टीचर बनी और फिर पत्रकारिता के क्षेत्र में भी किया काम
प्रीति की 10वीं तक की पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल से हुई। इसके बाद सीकर के मारू स्कूल से 12वीं और जयपुर के महारानी कॉलेज से उन्होंने एमए और बीएड किया। सिविल सेवा में जाने से पहले प्रीति ने कुछ समय तक जयपुर में पत्रकारिता भी की और बतौर शिक्षिका भी काम किया।
पहले प्रयास में पास किया यूपीएससी
यूपीएससी के लिए प्रीति चंद्रा ने कड़ी मेहनत की। नतीजा ये रहा कि साल 2008 में बिना किसी महंगी कोचिंग के, अपने हौसले के दम पर उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पहले ही प्रयास में 255वीं रैंक के साथ पास की और आईपीएस बनीं।

