July 29, 2026
Voice Of Panipat
Big Breaking NewsHaryanaHaryana News

ससुराल के बाहर धरना देकर बैठी बहु, गृह मंत्री अनिल विज से लगाई न्याय की गुहार

वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)- मामला घरौंडा के अग्रसेन कालोनी से सामने आया है जहां एक महिला दो दिन से घर के बाहर बैठकर धरना देकर घर के अंदर जाने के लिए पुलिस से न्याय की गुहार लगा रही है। पुलिस को लिखित शिकायतक देने के बाद भी महिला अपने घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाई। देर रात पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई और मामला सुलझाने का प्रयास कर रही है।

जानकारी के मुताबिक कुरुक्षेत्र निवासी सुखबीर ने बताया कि उसने अपनी बेटी दीक्षा की शादी करीब तीन साल पहले घरौंडा के अग्रसेन कालोनी निवासी अमित पुत्र रामेश्वर के साथ की थी। उनकी बेटी डेढ़ वर्ष से अपने मायके मे ही रह रही थी। उन्होंने बताया कि उनकी लड़की का ससुराल पक्ष के साथ कोई लड़ाई झगड़ा नहीं था। दीक्षा को ले जाने के लिए अक्सर विवाद होता था। कई बार आपसी पंचायत भी हुई लेकिन दीक्षा के ससुराल पक्ष उनकी बेटी को ले जाने के लिए राजी नहीं हुए। करीब डेढ़ साल बाद मंगलवार को बेटी अपनी ससुराल आ गई। और बेटी को घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। और बाद में घर के बाहर ही बैठ गई व परिजनों को इसके बारे में बताया।

इसके बाद माता पिता आए और महिला के साथ बाहर घर के दरवाज़े पर ही बैठ गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौक़े पर पहुंच गई और महिला व ससुराल पक्ष को समझाने का प्रयास किया लेकिन ससुराल पक्ष वाले महिला को अपने घर ले अंदर ले जाने पर राजी नहीं हुए। दीक्षा ने बताया कि घर के बाहर दो दिन से न्याय की गुहार लगा रहे है लेकिन उसे न्याय नहीं मिल पाया है। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित महिला दीक्षा ने फोन के माध्यम से गृहमंत्री अनिल विज को पूरे मामले की सूचना देते हुए न्याय की गुहार लगाई। महिला का दावा है कि उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया गया है। वहीं मामले को बढ़ता देख देर रात महिला एस एच ओ मंजीत मौक़े पर पहुंचीं और दोनों पक्षों को थाने बुला लिया। वहीं उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर कार्यवाही अमल मे लायी जाएगी।

TEAM VOICE OF PANIPAT

Related posts

Panipat के साहिल जागलान ने कुश्ती में जीता गोल्ड

Voice of Panipat

नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाने से पहले, पढ़िए इन नियमों के बारे में

Voice of Panipat

18 अक्टूबर से दिल्ली मे चलेगी ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ मुहीम, पढ़िए

Voice of Panipat