DOLLAR VS RUPEE RATE: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट लगातार जारी है। हालांकि सरकार इसको स्थित रखने के लिए काफी प्रयास कर रही है, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल रही है। अब फिर से डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में 50 पैसे की गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही रुपया डॉलर के मुकाबले 5 महीने के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है।
आंकड़ों के अनुसार बुधवार 7 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत 96.83 तक चली गई। हालांकि इससे पहले 20 मई 2026 को यह कीमत 96.96 रुपये थी। ऐसे में भारतीय लोगों पर महंगाई का असर बढ़ सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो इस साल में अभी तक रुपया डॉलर के मुकाबले 8 प्रतिशत टूट चुका है।
दरअसल फरवरी महीने में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद से ही रुपया और डॉलर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इसका प्रमुख कारण कच्चे तेल के आयात को माना जा रहा है। साथ ही कच्चा तेल महंगा होने के साथ भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार पर निकासी का दबाव है।
आरबीआई के फैसले से फिसली कीमत
आर्थिक विशेषज्ञ अनिल कुमार के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 6 अक्टूबर को रेपो रेट में बढ़ोतरी की गई। इसमें 25 बेसिस पॉइंट वृद्धि हुई है और यह 5.50% किया गया है। इसके कारण यह प्रभाव देखा जा रहा है।
हालांकि इस स्थिति पर RBI की नजर है। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा का भी कहना है कि शॉर्ट टर्म में फाइनेंशियल मार्केट तर्कहीन हो सकते हैं। उनका कहना है कि सही कीमत पर पता लंबे समय से ही चलता है।
डॉलर की बढ़ रही मांग
दरअसल डॉलर की मांग में भी भारी इजाफा हुआ है। क्योंकि भारत के मुख्य इंपोर्ट कमोडिटी यानी ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.97% पढ़ी है। अब यह कीमत 101.56 डॉलर प्रति बैरल तक चली गई है। इसके कारण डॉलर की मांग बढ़ी है और भारत के इंपोर्ट बिल और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है।

