HARYANA NEWS: यूं तो अलग-अलग उपलब्धियां मिलने पर लोग अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करवाने के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन हरियाणा में अजीबोगरीब मामला सामने आया है।
हरियाणा के रेवाड़ी जिला डहिना गांव की सरपंच पिंकी तीन बार सस्पेंड होने और पद से हटाए जाने के बाद गिनीज ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया है।
उन्होंने सबसे ज्यादा आधिकारिक सस्पेंशन की कार्रवाई का रिकॉर्ड बनाने का दावा करते हुए यह आवेदन किया है। दरअससल डहिना गांव की सरपंच पिंकी ने यह आवेदन उनके खिलाफ बार-बार होने वाली कार्रवाई पर विरोध जताने के लिए किया है।
पिंकी देवी का कहना है कि एक साल के भीतर किसी चुने हुए सरपंच को सबसे ज्यादा बार सस्पेंड करने पर यह प्रक्रिया की है। पिंकी देवी का कहना है कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है। इसके चलते वे बार-बार प्रशासनिक कार्रवाई का सामना कर रही हैं।
उनका कहना है कि हर बार उन्हें डिविजनल कमिश्नर या पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट से राहत मिली है, लेकिन इसके बाद भी यह कार्रवाई की गई है। जो अपने आप में अनोखी है। ऐसे में अब गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने के लिए आवेदन किया गया है।
सरपंच पिंकी देवी का कहना है कि उनका चुनाव 2022 में डहिना गांव की सरपंच के रूप में हुआ था।
इसके बाद 9 जून 2025 और 27 मार्च 2026 में उनको सस्पेंड कर दिया गया। इस कार्रवाई पर गुरुग्राम के डिविजनल कमिश्नर द्वारा आदेश दिए गए और वे बहाल हो गईं।
फिर से उनको 2 जून 2026 को तीसरी बार सस्पेंड कर दिया गया है। इस बार यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा। पिंकी देवी के अनुसार हाईकोर्ट से भी उनको राहत मिली।
ऐसे में फिर से प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई और 31 अगस्त 2026 को सरपंच पद से हटाने का आदेश दिया। इस बार उनको 3 साल तक पंचायत चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य ठहरा दिया। इस कार्रवाई को भी उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी और वे फिर से बहाल हो गईं।
हालांकि रेवाड़ी के डीसी अभिषेक मीना का कहना है कि डहिना गांव की महिला सरपंच पिंकी को प्रशासनिक और कानूनी नियमों के तहत ही सस्पेंड किया गया था। हालांकि उनकी बहाली भी नियमों के अनुसार ही हुई है। हालांकि वे वर्तमान में सरपंच के तौर पर हैं। यदि उन्होंने इसके लिए गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने का आवेदन किया है तो यह उनका अधिकार है।

