Haryana Farmer News : धान और बाजरे की कटाई के साथ ही हरियाणा में किसान बड़े स्तर पर सरसों और गेहूं की बिजाई शुरू कर रहे हैं। हर बार किसानों को बिजाई के सीजन में खाद की किल्लत से दो-चार होना पड़ता है। लेकिन इस बार किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता रहेगी।
इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। क्योंकि प्रदेश में गेहूं और सरसों रबी की प्रमुख फसलें हैं, ऐसे में करीब 55 लाख एकड़ से से अधिक क्षेत्र में गेहूं और करीब 8 लाख एकड़ में सरसों की बिजाई की जाती है। इसके लिए काफी संख्या में डीएपी, यूरिया और एनपीके की जरूरत होती है। हालांकि कृषि विभाग डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके को आगे कर रहा है।
इसको ध्यान में रखते हुए अक्टूबर महीने में प्रदेश के किसानों के लिए करीब 7.50 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया चल रही है। इसको लेकर सरकार के डिपार्टमेंट आफ फर्टिलाइजर्स द्वारा हरियाणा में खपत के हिसाब से खाद निर्माता कंपनियों को डिमांड भेजी गई है। हालांकि सरसों की बिजाई अब जोर पकड़ रही है, लेकिन गेहूं की बिजाई के लिए यह खाद उपलब्ध रहेगा।
केंद्र ने तय की आपूर्ति
हरियाणा में खाद की खपत और आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार की ओर से आपूर्ति तय की गई है। इसके तहत हरियाणा को आइपीएल कंपनी द्वारा 1.50 लाख एमटी डीएपी, 3.50 लाख एमटी यूरिया, 40 हजार एमटी एनपीके और एसएसपी एवं 10,650 एमटी एमओपी की खेप भेजी जाएगी। कंपनियों की बात की जाए तो इस खेप में
सबसे बड़ा हिस्सा इंडियन पोटाश लिमिटेड का रहेगा। इसके अलावा इफको, चंबल व अन्य कंपनियां भी खाद उपलबध करवाएंगी।
हरियाणा में पहुंची खाद की खेप
हरियाणा खाद की खेत पहुंचनी शुरू हो गई है। कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रक के अनुसार आईपीएल कंपनी द्वारा झज्जर में 2600 एमटी डीएपी भेजा जाएगा। हालांकि इसमें से अन्य जिों को भी खाद भेजा जाएगा।
इसमें अकेले झज्जर जिला को 600 एमटी डीएपी मिल सकता है। वहीं साथ लगते रोहतक जिला को 450 एमटी, चरखी दादरी को 200 एमटी, रेवाड़ी को 400 एमटी, महेंद्रगढ़ को 400 एमटी और गुरुग्राम जिला को 350 एमटी डीएपी मिलेगा। इसके अलावा दिल्ली को 300 एमटी खाद उपलब्ध करवाने की योजना है तो कि किसानों को सरसों की बिजाई के लिए प्रर्याप्त खाद मिल सके

