दिल्ली-एनसीआर रीजनल प्लान-2041 के प्लान के तहत हरियाणा हरियाणा के छह राज्यों की किस्मत बदलने वाली है। इन शहरों में मेट्रो और नमो भारत रेल नेटवर्क, नए हाईवे, नए इंडस्ट्रीयल एरिया बनने वाले है। इनके निर्माण के बाद इन छह जिलों की प्रॉपर्टी रेट आसमान को छूने वाले है और किसानों पर भी धनवर्षा होगी।
दिल्ली-एनसीआर में हरियाणा के कई जिलों को शामिल हुए कई साल हो गए है, लेकिन इसका असर नहीं देखने को मिला है, लेकिन अब हरियाणा के छह के छह जिलों में इसका असर दिखाई देने वाला है। जहां प्रॉपर्टी के रेट आसमान को छूएंगे, वहीं रोजगार के नए अवसर स्थापित होने वाले हैं। दिल्ली-एनसीआर रीजनल प्लान-2041 के प्लान के तहत सोनीपत-पानीपत और गुरुग्राम-मानेसर-रेवाड़ी, जींद में नई आईएमटी, मेट्रो और नमो भारत रेल नेटवर्क व नई हाईवे स्थापित किए जाएंगे।
जहां पर अकेले जींद जिले में ही 12 हजार एकड़ जमीन पर नई आईएमटी स्थापित होगी। इन जिलों में नए प्रोजेक्ट बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। ऐसे में किसानों को दिल्ली एनसीआर के निर्धारित रेट के हिसाब से जमीन का मुआवजा मिलने वाला है। जहां प्रॉपर्टी के रेट बढ़ने वाले है, वहीं नए प्रोजेक्ट लगने के बाद रोजगार के नए अवसर स्थापित होंगे।
सोनीपत-पानीपत के बीच बनेगा नया कॉरिडोर
दिल्ली-एनसीआर रीजनल प्लान-2041 के तहत ही इन जिलों में नए कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे। इसी प्लान के तहत दिल्ली एनसीआर में कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए सोनीपत से पानीपत तक नया कॉरिडोर स्थापित किया जाएगा। पानीपत को पहले ही प्रदेश का इंडस्ट्रीयल हब माना जाता है। ऐसे में इसकी सोनीपत के माध्यम से नए कॉरिडोर से देश की राजधानी दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। ऐसे में जहां लोगों की यात्रा आसन हो जाएगी, वहीं माल की ढुलाई भी आसन हो जाएगी।
इन शहरों तक मेट्रो व रेल कॉरिडोर को बढ़ाया जाएगा
गुरुग्राम को देश का आईटी हब के तौर पर जाना जाता है। इसके चलते गुरुग्राम के बाद हरियाणा के मानसेर व रेवाड़ी में नया हब बन रहा है। इसलिए यहां की कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए इन शहरों तक मेट्रों व रेल कॉरिडोर का विस्तार किया जाएगा, ताकि लोगों की आवाजाही आसन हो सके।

