पुराने वाहन को बदलने पर सरकार द्वारा डबल फायदा दिया जा रहा है। सरकार द्वारा नए वाहन खरीदने पर टैक्स माफ किया जाएगा और लोन पर लगने वाले ब्याज पर भी सब्सिडी दी जाएगी। यहां तक कि पांच साल तक सरकार की तरफ से फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना शुरू की गई है।
इस योजना के माध्यम से प्रदूषण फैलाने वाले बीएस-4 ट्रकों और बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में बदला जा रहा है। सरकार की तरफ से सरकार की इस योजना का ट्रक और बस मालिकों को ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने का आह्वान किया है।
पलवल के सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के तहत टैक्स छूट, ब्याज सबवेंशन, फ्यूल वाउचर और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी जैसे बड़े प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिससे हरियाणा में आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरणीय सुधार भी होगा।
सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने कहा कि ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत उन ट्रकों और बसों के मालिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा जो बीएस-4 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं, ताकि वे उन्हें बीएस-6 या उससे भी सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकें। स्वच्छ परिवहन प्रौद्योगिकियों की ओर बदलाव को गति देकर इस योजना से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।
सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि बीएस-3 या उससे पुराने वाहनों के लिए पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं पर स्क्रैप कराना अनिवार्य है, जबकि बीएस-4 वाहनों को एनसीआर के बाहर गैर-एनसीएपी शहरों/कस्बों में स्क्रैप या बेचा जा सकता है।
इसके बाद मालिकों को एनसीआर के भीतर बीएस-6 या उससे भी सख्त मानकों के अनुरूप या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना और पंजीकृत कराना होगा। दिल्ली में हालांकि इस योजना के तहत खरीदे गए हल्के मालवाहक वाहन इलेक्ट्रिक होने चाहिए, जबकि बसें केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक होनी चाहिए। सरकारी वाहन इस योजना से बाहर हैं।
इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण जितेन्द्र कुमार ने कहा कि ‘नया सफर’ (परिवर्तन) योजना के केंद्र सरकार पांच साल के लिए ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, वाहन की श्रेणी के आधार पर 4,800 रुपये तक के मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने या जमा प्रमाणपत्र के व्यापार के लिए एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को वाहन की कैटेगरी अनुसार 64 हजार से लेकर 2.56 लाख तक का एकमुश्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। इसके अलावा वाहन निर्माता कंपनियां नए वाहनों की खरीद पर 8 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट देंगी। सरकार का मानना है कि योजना से वाहन बिक्री, ऑटोमोबाइल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।

