OIL PRICE CUT: त्योहारी सीजन (DIWALI) शुरू रहा है और ऐसे में सरकार ने लोगों को महंगाई से कुछ राहत देने की तैयार की है। हालांकि इसका कितना असर वास्तविक महंगाई पर पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल सरकार ने य किया है कि कच्चे सोयाबीन तेल और पाम तेल पर लगने वाले शुल्क को 10से घटाकर 5% कर दिया है।
यानी बाहर से आने वाला तेल अब कम कीमत पर भारत में आएगा। इससे उम्मीद है कि लोगों को भी तेल सस्ता मिलेगा। इतना ही नहीं कच्चे सूरजमुखी तेल से पूरी तरह टैक्स हटा कर इसको पूरी तरह शुल्क मुक्त कर दिया है। त्योहरी सीजन (DIWALI) में खाद्य तेलों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को महंगाई से कुछ राहत जरूर मिलेगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से खाद्य तेल सहित चीनी और अन्य खाद्य वस्तुओं में तेजी देखी जा रही है। इससे खुदरा महंगाई भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार ने महंगाई पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाए हैं। इसके लिए सरकार द्वारा बुधवार देर रात अधिसूचना जारी की है।
इसके अनुसार अब कच्चे सोयाबीन और कच्चे पाम तेल के आयात पर लगने वाला आयात शुल्क 10 प्रतिशत से घटा कर इसको 5 प्रतिशत किया गया है। साथ ही कच्चे सूरजमुखी के तेल भी आयात शुल्क 10 प्रतिशत था, लेकिन इसको पूरी तरह से हटा दिया गया है।
कच्चे तेल के साथ ही रिफाइंड ऑयल पर भी आयात शुल्क कम किया गया है। क्योंकि पहले रिफाइन्ड सोयाबीन और रिफाइन्ड पाम तेल पर 32.5 प्रतिशत आयात शुल्क रहा है। अब इसको 27.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसला को 24 सितंबर से लागू कर दिया गया है।
सरसों के तेल पर दबाव कम करने की योजन
गौरतलब है कि भारत में सरसों का तेल अत्याधिक मात्रा में प्रयोग होता है। वहीं इन तेलों पर आयात शुल्क कम होने से यह सस्ते होंगे इसका सीधा असर सरसों के तेल की खपत पर पड़ेगा। ऐसे में सरसों के तेल की कीमतों में भी कम आएगी।

