IPS Simran Bhardwaj Success Story: आजकल हर किसी की जुबान पर Gen G का जिक्र है, लेकिन आज बात करते हैं Gen Z की एक बहादुर आईपीएस अधिकारी सिमरन भारद्वाज की। वे आईपीएस बनने से पहले पत्रकारिता की पढ़ाई भी कर चुकी हैं। सिमरन भारद्वाज का जन्म 8 फरवरी 2000 को हरियाणा के रेवाड़ी जिला के एक छोटे से गांव में हुआ है। 1997 से 2012 के बीच जन्में लोगों को जनरेशन जेड यानी Gen Z कहा जाता है।
सिमनर भारद्वाज का जन्म हरियाणा के एक छोटे गांव में हुआ। हालांकि उनकी उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय यानी DU से हुई। इसके बाद वे IPS बनीं हैं। फिलहाल वे गुजरात कैडर में 2022 बैच की पुलिस अधिकारी हैं। सिमरन भारद्वाज ने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा क्रेक कर सफलता हासिल की। इस परीक्षा के साथ-साथ सिमरन भारद्वाज ने भारतीय सेना में अधिकारी के लिए होने वाली सीडीएस की परीक्षा भी। इसमें भी उनको 6वीं रैंक मिली। यह दोनों ही परीक्षाएं उन्होंने बिना किसी को कोचिंग के क्रेक की।
दरअसल सिमरन भारद्वाज की सफलता की कहानी अपने आप में बहुत ही प्रेरणादायक है। क्योंकि उन्होंने स्नातक की पढ़ाई के साथ ही यूपीएससी की तैयार शुरू कर दी और परिणाम स्वरूप पहले ही प्रयास में यूपीएससी क्लीयर हो गया। उनकी कहानी युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।
यूपीएससी में मिली 172वीं रैंक
सिमरन भारद्वाज के अनुसार उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2021 में दी। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 172वीं रैंक प्राप्त कर अपनी मेहनत को दिखा दिया। इसके बाद उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में भारतीय पुलिस सेवा कैडर अलाट हुआ। अब गुजरात कैडर में कार्यरत हैं।
सेना में भी चयन, पुलिस को चुना
हालांकि सिमरन भारद्वाज ने वर्ष 2021 में ही संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा भी दी और इसमें उनको अखिल भारतीय स्तर पर 6वीं रैंक मिली। इसके बाद यूपीएसी में आईपीएस कैडर मिलने पर उन्होंने पुलिस सेवा को चुना और पुलिस प्रशासन में आज उनका नाम काफी मशहूर हो रहा है।

