Share Market Crash : भारतीय शेयर बाजार वीरवार को भारी दबाव में दिखाई दिया। जहां पर करोड़ों रुपये की राशि डूब गई। भारतीय शेयर बाजार में पूरे दिन दबाव देखने को मिला और लंबे समय के बाद एक ही दिन में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। वीरवार को सेंसेक्स में 1200 प्वाइंटस के करीब व निफ्टी में 400 प्वाइंट्स के करीब गिरावट देखने को मिली।
यह गिरावट केवल अकेले भारतीय बाजार में ही नहीं बल्कि एशियाई बाजार में जमकर बिकवाली दिखाई दी। अचानक हुई इतनी बड़ी गिरावट के चलते शेयर बाजार में हाहाकार मचा दिया। आपको बता दे कि निफ्टी में लगभग 400 अंक की गिरावट के साथ 23000 तक पहुंच गया।
जबकि सेंसेक्स की बात की जाए तो इसमें 1200 प्वाइट्स की गिरावट के साथ 73600 के करीब पहुंच गया। सितंबर माह में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव देखने को मिला है। इस माहौल में मार्केट खुलते ही बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4 लाख करोड़ से अधिक कम हो गया यानी कि निवेशकों की दौलत ₹4 लाख करोड़ से अधिक घट गई।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 02:40 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 1212.23 प्वाइंट्स यानी 1.62% की गिरावट के साथ 73,616.02 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 381.50 प्वाइंट्स यानी 1.63% की गिरावट के साथ 23,065.30 पर है।
इन पांच कारणों से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट
भारतीय शेयर बाजार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे बदलाव का बड़ा असर पड़ रहा है। अमेरिका में बिजनेस एक्टिविटी पांच साल में सितंबर माह में नए आर्डर पर सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गई। इसके चलते अमेरिका के बेंचमार्क 10-साल का ट्रेजरी यील्ड साल 2007 के बाद के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया तो मार्केट ने ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी।
कच्चे तेल में आया भारी उछाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने तनाव के देखते हुए कच्चे तेल में लगातार उछाल आ रहा है। वीरवार को भी कच्चे तेल में भारी उछाल देखने को मिला। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $102 के करीब पहुंच गया।
सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी
भारतीय शेयर बाजार में वीरवार ाकेबीएसई के सेंसेक्स और बैकेंक्स समेत अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट पर इसका असर दिखा। एक्सपायरी का मतलब डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर अपनी पोजिशन बंद करना है यानी उसे आगे नहीं बढ़ा सकते हैं।
बैंकिंग शेयरों का भारी दबाव
भारतीय शेयर बाजार में वीरवार को बैंकिंग शेयरों पर सबसे बड़ा दबाव दिखाई दिया। प्राइवेट बैंकों का निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक कमजोर है तो सरकारी बैंकों का निफ्टी इंडेक्स भी करीब 1% कमजोर है।
टेक्निकल आउटलुक
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि एक कारोबारी दिन पूरे दिन मार्केट में पॉजिटिव माहौल रहा, जिससे 23760 या उससे ऊपर तक तेजी की उम्मीदें जगीं, लेकिन 23490 के लेवल ने बढ़त को रोके रखा। आनंद के मुताबिक अगर मार्केट 23490 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो या 23260 के नीचे फिसलता तो इसके 22600-21800 तक फिसलने की आशंका बढ़ सकती है

