वॉयस ऑफ पानीपत ( आयुषी त्यागी ) : केंद्र सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में कई बड़े बदलाव किए हैं । राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में इन बदलावों की जानकारी देते हुए कहा कि UPSC और SSC में किए गए बदलाव न केवल युवाओं का समय बचाएंगे, बल्कि ट्रांसपेरेंट और टेक्नोलॉजी बेस्ड सिस्टम से फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगाएंगे।
SSC भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव–
- भर्ती प्रक्रिया अब होगी तेज : पहले SSC की भर्ती पूरी होने में 15–18 महीने तक लग जाते थे। अब लक्ष्य है कि भर्ती प्रक्रिया 6–8 महीने में पूरी कर ली जाए।
- परीक्षा के चरण किए गए कम: कई भर्तियों में परीक्षा के अलग-अलग चरणों की संख्या घटाई गई है। इससे रिजल्ट जल्दी आएगा और भर्ती प्रक्रिया तेज होगी।
- e-Dossier प्रणाली लागू : उम्मीदवारों के दस्तावेज अब डिजिटल (e-Dossier) के माध्यम से संबंधित विभागों तक भेजे जाएंगे। इससे दस्तावेज़ों का सत्यापन पहले से ज्यादा तेज होगा।
- इंटरव्यू और कुछ परीक्षाएं हटाईं : जिन पदों पर संभव है, वहां इंटरव्यू और कुछ लिखित परीक्षाएं हटा दी गई हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया कम समय में पूरी होगी।
- नया ‘Sliding Mechanism’ लागू : पहले एक अभ्यर्थी कई पदों पर चयनित होने के बाद केवल एक पद चुनता था, जिससे बाकी सीटें खाली रह जाती थीं। अब यदि कोई उम्मीदवार किसी सीट को छोड़ता है, तो मेरिट सूची में अगले योग्य उम्मीदवार को वह सीट मिल जाएगी । इससे खाली सीटें नहीं रहेंगी और अधिक उम्मीदवारों को मौका मिलेगा।

UPSC भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव –
- भर्ती प्रक्रिया का समय हुआ कम: पहले UPSC की कई भर्ती प्रक्रियाओं में 15 महीने या उससे अधिक समय लग जाता था। अब डिजिटल सुधारों के बाद इसे लगभग 13 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- आवेदन और चयन प्रक्रिया हुई अधिक समयबद्ध: आवेदन , स्क्रीनिंग और चयन की प्रक्रिया को पहले से अधिक व्यवस्थित और तय समय में पूरा किया जाएगा ।इससे उम्मीदवारों को भर्ती के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा ।
- परीक्षा कैलेंडर और रिजल्ट होंगे तेज. : UPSC ने परीक्षा कैलेंडर और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया को भी तेज करने पर जोर दिया है। इससे अगली भर्ती प्रक्रियाएं भी समय पर शुरू हो सकेंगी।
- AI आधारित Face Authentication लागू : अब Civil Services (CSE) सहित UPSC की परीक्षाओं में AI आधारित फेस ऑथेंटिकेशन लागू किया गया है। परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवार के चेहरे का मिलान आवेदन के समय अपलोड की गई फोटो से किया जाएगा। इसका उद्देश्य नकल जैसी गड़बड़ियों को रोकना है।
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा उम्मीदवारों के अनुकूल बनाने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी किए हैं। अब सेल्फ-अटेस्टेशन के आधार पर प्रोविजनल जॉइनिंग लेटर जारी किया जा सकेगा, जबकि चरित्र और जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए विभागों को अधिकतम 6 महीने का समय दिया जाएगा। यदि तय समय में वेरिफिकेशन रिपोर्ट नहीं आती है, तब भी उम्मीदवार की सेवा प्रभावित नहीं होगी। वहीं, यूपीएससी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए Answer Key जारी होने के बाद ऑब्जेक्शन दर्ज कराने की फीस घटा दी गई है। साथ ही, दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र आवंटित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इन सभी सुधारों का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है।
TEAM VOICE OF PANIPAT

