वॉयस ऑफ पानीपत (श्रद्धा गुप्ता ) – 22 जुलाई को बजरंग पुनिया के द्वारा जारी की गई वीडीयो जहां उन्होंने दिल्ली पुलिस और सरकार के , छात्रों के प्रति व्यवहार पर अपनी बात सामने रखी है । 21 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में लगातार कोई ना कोई बड़ा नेता या फिर अपनी अपनी फील्ड के दिग्गज 21 जुलाई को छात्रों पर हुई लाठी चार्ज पर नाराज़गी जताते हुए जंतर मंतर पर जारी प्रदर्शन का हिस्सा बनने की मांग कर रहे हैं । वहीं पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग ने भी खुद दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचने की बात कही , उनका कहना है कि अगर वे अब भी नही बोले तो हमारा इंसान होने का कोई फायदा नहीं । बजरंग पूनिया ने देश की गुलामी मानसिकता पर फोकस करते हुए कहा कि हम तो थक चुके हैं आवाज़ उठाते उठाते लेकिन इस बार मुद्दा ज़रूरी था तो मैं सामने आया हूं । इसी के साथ अब सबका साथ होकर आवाज़ उठाना बहुत ज़रूरी है क्यूंकि हम अकेले लड़ते हैं तो बट जाते हैं साथ होंगे तो समाधान निकलेगा ।
उन्होंने कहा कि यह अफवाह फैलाई जा रही है कि छात्र पुलिस पर हमला कर रहे थे, जबकि बच्चे अपने साथ कॉपी, किताब और तिरंगा लेकर आए थे , सभी छात्रों की जांच के बाद ही उन्हें जंतर-मंतर पर जाने दिया गया था । बजरंग पूनिया ने दावा किया कि उन्होंने वीडियो में देखा कि पुलिस ने पत्थरों से भरे ट्रक खड़े किए हुए थे उनका सवाल है कि सिविल ड्रेस में डंडे लेकर खड़े लोग आखिर कौन थे । वहीं जिन बच्चों पर लाठीचार्ज किया गया, वे वोट मांगने नहीं आए थे, बल्कि केवल अपना हक मांगने आए थे अंत में पहलवान का यही कहना था कि देश बचाना है तो खड़ा होना पड़ेगा , साथ मिलकर आवाज़ उठाओ देश की हालत खराब है ।
TEAM VOICE OF PANIPAT

