वॉयस ऑफ पानीपत(तमन्ना गोयल) – सिरसा जिले में बिजली की 11 हजार वोल्ट लाइन की चपेट में आने से 2 दोस्तों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब दोनों पशुओं के लिए मशीन से चारा काट रहे थे।मृतकों की पहचान देवेंद्र और दलजीत के रूप में हुई है। दोनों गहरे दोस्त थे और खेती का काम साथ में करते थे।
क्या हुआ था?
जानकारी के अनुसार ये हादसा गांव संगर और बुर्जकरमगढ़ के पास का है। वहां पर मौजूद जगदीप ने बताया कि शुक्रवार सुबह से वह ,और देवेंद्र व दलजीत खेत में चारा कट रहे थे। वहां खेतों में बिजली की लाइन बिल्कुल नीची है और लाइट भी कटी हुई नहीं है। शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे देवेंद्र और दलजीत ट्रॉली में चारा डाल रहे थे। दरअसल देवेंद्र जब ट्रॉली में चारा डालते समय ऊपर की ओर खड़ा हुआ तो उनकी गर्दन तार को छू गई जिससे उनकी गर्दन पर गहरा निशान बन गया। उन्हें बचाने के लिए उनका दोस्त दलजीत आगे बढ़ा तो उनका हाथ भी तारों को छुआ और वे भी करंट की चपेट में आ गया| जिसके बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया।
दोनों ही परिवार के इकलौते बेटे:-
गांव वालों ने बताया कि देवेंद्र अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे और उनके पिता दूरदर्शन सिंह खेती-बाड़ी का काम करते हैं। देवेंद्र ने कुछ समय पहले ही चारा बनाने की साइलेज मेकर मशीन ली थी।

देवेंद्र सिंह
इसके अलावा दलजीत सिंह भी अपनी दो बहनों के इकलौते भाई और माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके पिता गुरप्रीत सिंह भी खेती-बाड़ी का काम करते हैं और उनकी देवेंद्र के साथ पुरानी दोस्ती थी |

दलजीत सिंह
परिजनों ने बताया कि ये खेत बुर्जकरमगढ़ के हिमांशु मेहता का है और उन्हीं के ठेकेदार जसमीत सिंह ने करीब 4-5 एकड़ में मक्की का चारा काटने का ठेका लिया था और उसी के कहने पर देवेंद्र और दलजीत साइलेज मेकर मशीन लेकर काम के लिए गए थे।
इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया:-
इसके बाद परिजनों ने बताया कि दोनों को उस अवस्था में पहले तो निजी अस्पताल में ले जाया गया जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें सिविल अस्पताल में रेफर किया और वहां पर उन दोनों को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद परिजन और पुलिस अस्पताल में पहुंचे जहां पर पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में रखकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।
बिजली निगम पर आरोप:-
परिजनों ने इस हादसे का आरोप बिजली निगम पर लगाया है| परिजनों ने बताया कि बिजली निगम और सरकार बार-बार हाईटेंशन लाइन्स हटाने का दावा करती है पर इस पर कुछ कार्य नहीं किया गया। इससे पहले भी बिजली निगम को इस तरह की लाइन्स हटाने के लिए कहा गया है। परिजनों ने आरोप लगाए कि ये हादसा बिजली निगम की लापरवाही के कारण हुआ है। अगर लाइन्स हटा दी जातीं तो शायद ये हादसा ना होता। उन्होंने निगम के अधिकारियों पर FIR दर्ज करने को कहा है।
परिजनों ने ये भी बताया कि खेत मालिक ने ये लाइन्स नहीं हटवाईं और चारा काटते समय कहा कि सप्लाई बंद करा दी है। जिसके बाद देवेंद्र और दलजीत ने दिनभर काम किया और शाम को ये हादसा हो गया।
TEAM VOICE OF PANIPAT

