वॉयस ऑफ पानीपत ( हिमांशी चावला )-केंद्र सरकार जल्द ही गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (GMS) का नया संस्करण लॉन्च कर सकती है। इस नई योजना के तहत अब लोग अपने घरों में रखा सोना सिर्फ बैंकों में ही नहीं, बल्कि सरकार से अधिकृत ज्वेलर्स के पास भी जमा करा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे घरों में सालो से बिना इस्तेमाल के रखा सोना देश की अर्थव्यवस्था में शामिल हो सकेगा और सोने के आयात पर निर्भरता भी कम होगी।

GMS के फायदे
नई व्यवस्था में अधिकृत ज्वेलर्स को ‘कलेक्शन पार्टनर’ बनाया जाएगा। यानी ग्राहक अपने सोने को सीधे ज्वेलर्स के पास जमा कर सकेंगे, जहां उसकी जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत सोना जमा करने वाले ग्राहकों को सालाना 2.5 % तक ब्याज मिलने की संभावना है। इससे लोगों को घर में रखे सोने से भी कमाई का अवसर मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लोगों के पास बड़ी मात्रा में सोना घरों में रखा हुआ है। यदि उसका छोटा सा हिस्सा भी इस योजना के तहत जमा होता है, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल सकता है। इससे सोने के आयात में कमी आएगी, विदेशी धन की बचत होगी और सरकार को घरेलू सोने का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी। बता दें कि पहले भी गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम लागू की गई थी, लेकिन इसमें केवल बैंकों के माध्यम से ही सोना जमा कराया जा सकता था। इसी वजह से यह योजना लोगों के बीच ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो सकी। अब सरकार ज्वेलर्स को भी इस योजना से जोड़कर इसे अधिक आसान और प्रभावी बनाने की तैयारी कर रही है।
TEAM VOICE OF PANIPAT

