वॉयस ऑफ पानीपत (श्रद्धा गुप्ता) – #JUSTICEFORSARTHAK सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है, जिसमें माता-पिता का वीडियो देख सभी भावुक हो रहे हैं। “हमारा इकलौता बच्चा छीन लिया, माननीय प्रधानमंत्री जी, अमित शाह जी कहां हो आप, हमें इंसाफ चाहिए।” ये शब्द हैं 34 वर्षीय सार्थक के माता-पिता के, जिसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। उसकी मौत के बाद गम में डूबे माता-पिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है, जिसे देखने के बाद हर कोई इस मामले पर हो रही जांच पर सवाल उठा रहा है। घटना 25 जून की सुबह की है, जब सार्थक मट्टू (EVENT MANAGER) गुरुग्राम से नोएडा अपनी जॉब पर जा रहा था। तभी दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के रजोकरी फ्लाईओवर पर सार्थक के साथ दर्दनाक हादसा होता है, जहां तेज रफ्तार से आ रही महिंद्रा थार बाइक पर सवार सार्थक को पीछे से टक्कर मारती है। टक्कर इतनी तेज़ लगती है कि सार्थक सीधा बाइक से उड़कर फ्लाईओवर के नीचे जा गिरता है। गाड़ी में सवार युवक घायल को वहीं छोड़कर भाग जाते हैं और स्थानीय लोगों द्वारा घायल सार्थक की मदद की जाती है। उसे अस्पताल पहुंचाया जाता है और उसके घर वालों को कॉन्टैक्ट किया जाता है। अस्पताल पहुंचते ही सार्थक को मृत घोषित कर दिया जाता है, क्योंकि अस्पताल पहुंचने में देरी बहुत हो चुकी थी।
इस मामले पर सार्थक के माता-पिता, जो कि कश्मीर से हैं, उनका कहना है कि आरोपियों की गाड़ी का नंबर होने के बाद भी पुलिस को 2 दिन लगे आरोपियों को गिरफ्तार करने में। साथ ही सबसे ज़्यादा हैरानी की बात ये है कि आरोपी अपूर्व सिंह (गाड़ी चालक) और सागर साहा, दोनों का ब्लड सैंपल 50 घंटे बाद लिया गया, जिससे अब मेडिकल में ये साफ़ होना मुश्किल है कि गाड़ी चलाते वक्त ड्राइवर ने शराब पी रखी थी या नहीं। इस सब के बाद माता-पिता आरोपियों की ज़मानत से भी परेशान हैं कि उनके बेटे का आरोपी खुलेआम बाहर घूम रहा है।
इसी मामले पर दिल्ली पुलिस के डीसीपी अमित गोयल का कहना है कि जैसे ही आरोपी पकड़े गए, उनका तुरंत मेडिकल कराया गया और अब केवल फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार है। अब यह बयान माता-पिता के आरोपों से तो मेल नहीं खाता, पर जब माता ने आरोपियों को ज़मानत देने पर पुलिस से सवाल किया तो उनका कहना है कि BNS की धारा 106(2) को ट्रक ड्राइवरों के विरोध के चलते स्थगित कर रखा है, जिस कारण उन पर कम अवधि वाली जमानती धाराएं लगी हैं और अभी उन पर सख्त कार्रवाई नहीं हो सकती।
फिलहाल इस मामले में आरोपियों को 48 घंटे बाद ज़मानत मिल गई थी और अब मेडिकल रिपोर्ट आने का इंतज़ार है, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं सिस्टम से परेशान माता-पिता के वीडियो ने देश की कानूनी व्यवस्था और HIT AND RUN सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। साथ ही माता-पिता का भावविभोर कर देने वाला वीडियो, जिसमें उनका कहना है कि “पहले भी हम कश्मीर में अपना घर खो चुके हैं, लेकिन अब अपने इकलौते बेटे की दर्दनाक मौत के बाद चुप नहीं बैठेंगे। हम लड़ेंगे अकेले, चाहे फिर पुलिस-प्रशासन और सरकार साथ दे या ना दे।
TEAM VOICE OF PANIPAT

