पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर केंद्र सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। केंद्र सरकार ने कानून को सख्त करने के लिए पेट्रोलियम (संशोधन) अधिनियम, 2026 में कई अहम बदलाव प्रस्तावित किए। नए प्रस्ताव में इतना जुर्माना का प्रावधान किया है कि आदमी सोच भी नहीं सकता है।
अगर तेल का गलत भंडारण व बिना लाइसेंस के बेचते हुए मिला तो उसको 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना व तीन साल तक की सजा होगी। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम क्षेत्र में सुरक्षा और नियमों के पालन को मजबूत करने के लिए यह संशोधन किया है। पेट्रोलियम (संशोधन) अधिनियम, 2026 के ड्राफ्ट को https://mopng.gov.in/ वेबसाइट पर डाल दिया है।
पेट्रोलियम (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा और संशोधन के संक्षिप्त निरीक्षण की व्याख्यात्मक टिप्पणी 30 सितंबर, 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की वेबसाइट पर डाली गई है। इसका उद्देश्य सभी हितधारकों से पूर्व-विधायी परामर्श के हिस्से के तौर पर टिप्पणियां और सुझाव मंगाना है।
ऐसे में इस नए संशोधन पर सुझाव दिया जा सकते हैं। नए विधेयक संशोधन के तहत पेट्रोलियम या पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़ी गतिविधियां अब बिना लाइसेंस के नहीं किया जा सकता है। अगर बिना लाइसेंस के यह काम करते हुए पकड़े गए तो नए विधेयक में तीन साल तक की जेल और 25 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
तेल के भंडारण के लिए लाइसेंस होगा जरूरी
देश में तेल की कालाबाजारी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नए विधेयक में भारी भरकम जुर्माना का प्रावधान किया है। अगर बिना लाइसेंस के पेट्रोलियम उत्पादों को भंडारण मिल गया तो उसको तीन साल तक जेल व 25 करोड़ रुपये जुर्माना देना होगा। नए संशोधन में पेट्रोलियम के उत्पादन, आयात, भंडारण, रिफाइनिंग, परिवहन या मिश्रण जैसी गतिविधियों के लिए निर्धारित लाइसेंस लेना जरूरी होगा। बिना लाइसेंस ऐसी गतिविधियां करने पर पहली बार दोषी पाए जाने पर कारावास, जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।
हर दिन के लिए दस लाख रुपये का जुर्माना
पेट्रोलियम (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा और संशोधन के अनुसार जहां पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना व तीन साल की सजा का प्रावधान किया है। लेकिन इसके बाद भी अगर कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस के काम करता रहा तो उसको प्रतिदिन दस लाख रुपये का जुर्माना किया जाएगा। यह जुर्माना उल्लंघन जारी रहने वाले प्रत्येक दिन के लिए 10 लाख रुपये तक हो सकता है।
फर्जी लाइसेंस बनवाया तो 5 साल की जेल
पेट्रोलियम (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा और संशोधन के अनुसार फर्जी लाइसेंस मिला तो उसके लिए अगले से सजा का प्रावधान किया गया है। धोखाधड़ी, गलत जानकारी, फर्जी पहचान या गलत प्रस्तुतीकरण करने वालों पर भी सख्ती की गई है। ऐसे मामलों में दोषी व्यक्ति को 5 साल तक की जेल या जुर्माना अथवा दोनों की सजा हो सकती है।
इसके अलावा पेट्रोलियम से संबंधित संपत्तियों, सुविधाओं या प्रतिष्ठानों को आग, विस्फोटक पदार्थ या अन्य तरीकों से नुकसान पहुंचाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसा पहली बार अपराध करने पर 5 साल की जेल या 15 करोड़ रुपये का जुर्माना होगा। अगर दोबारा इसी प्रकार के अपराध को अंजाम दिया तो सात साल की कैद व 25 करोड़ रुपये का जुर्माना किया जाएगा।

