Analogue Paneer: देशभर में इन दिनों एनालॉग पनीर के इस्तेमाल को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। हरियाणा समेत कई राज्यों में एनालॉग पनीर पर बैन (Ban) लगा दिया गया है।
हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा एनॉलॉग पनीर के सैंपल लिए गए। पनीर सैंपलों की जांच में लगभग 70% नमूने फेल/अमानक पाए गए थे। जिसके बाद इस पनीर की ब्रिकी को लेकर सख्ती बढ़ गई है।
इन राज्यों में बैन हुआ एनालॉग पनीर
हरियाणा सरकार ने एनालॉग पनीर पर 1 साल का पूर्ण प्रतिबंध (Ban) लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा और मानकों (Food Safety Standards) के तहत राज्य में उपभोक्ताओं को मिलावटी और नकली पनीर से बचाने के लिए यह सख्त फैसला लिया गया है। इसके अलावा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड में एनालॉग पनीर की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है।
क्या होता है एनालॉग पनीर ?
एनालॉग पनीर एक गैर-डेयरी उत्पाद है जो देखने और इस्तेमाल करने में सामान्य पनीर की तरह दिखता है, लेकिन इसे पूरी तरह दूध से तैयार नहीं किया जाता। ये पनीर वेजिटेबल ऑयल (वनस्पति तेल या पाम ऑयल), मिल्क सॉलिड्स/मिल्क पाउडर, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य केमिकल्स/स्टेबलाइजर्स को मिलाकर तैयार किया जाता है।
असली पनीर और एनालॉग पनीर में क्या है अंतर ?
प्राकृतिक तरीके से बने पनीर में पोषण वैल्यू ज्यादा होता है। वहीं, एनालॉग में कम होता है।
एनलॉग पनीर असली पनीर से काफी सस्ता होता है। इसी वजह से ज्यादातर कमर्शियल किचन, स्ट्रीट वेंडर्स या रेस्टोरेंट्स लागत घटाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।
असली पनीर में भरपूर मात्रा में प्राकृतिक प्रोटीन और कैल्शियम होता है। लेकिन एनालॉग पनीर में प्रोटीन कम और अनहेल्दी फैट/ट्रांस फैट ज्यादा हो सकता है।
एनलॉग पनीर खाने से सबसे ज्यादा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। नियमित रूप से या अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ने और हृदय रोग का खतरा हो सकता है।

