हरियाणा के कारोबारी देश व विदेश में अपनी धूम मचाए हुए है। शुरुआत में हर कारोबारी ने छोटे से बिजनेस से काम शुरू किया और बाद में उसने देश व विदेश तक अपनी पहचान बनाई है। ऐसे ही हरियाणा के सिरसा जिले के कारोबारी कृष्ण बाथला है। जिन्होंने टॉफी बनाने से अपने सफर की शुरुआत की थी और अपनी मेहनत व सरकारी योजनाओं का लाभ लेते हुए कंपनी को 50 करोड़ के ट्रनओवर तक पहुंचा दिया।
सिरसा की दीपम इंडस्ट्रीज ने छोटे स्तर से शुरुआत कर सफलता की नई मिसाल कायम की है। कंपनी के प्रोप्राइटर केवल कृष्ण बाथला ने वर्ष 1993 में टॉफी और कैंडी बनाने की एक छोटी इकाई से अपना कारोबार शुरू किया था। निरंतर मेहनत, आधुनिक तकनीक और नीतिगत सहयोग के बल पर यह व्यवसाय वर्ष 2023 में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में विकसित हुआ।
4.5 करोड़ का नया निवेश और एक करोड़ तक की सब्सिडी
प्रोप्राइटर केवल कृष्ण बाथला के अनुसार, राज्य सरकार की खाद्य प्रसंस्करण प्रोत्साहन नीति का लाभ लेते हुए इकाई के विस्तार के लिए 4.5 करोड़ का नया निवेश किया गया। नीति के तहत फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 25 प्रतिशत पूंजीगत निवेश सब्सिडी का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा एक करोड़ तक है। नीतिगत सहयोग, वित्तीय प्रोत्साहन और आधुनिक तकनीक के उपयोग से दीपम इंडस्ट्रीज ने कारोबार का लगातार विस्तार किया और आज कंपनी करीब 50 करोड़ के वार्षिक टर्नओवर तक पहुंच चुकी है।
55 लोगों को मिला रोजगार, 20 स्थानीय महिलाएं भी शामिल
दीपम इंडस्ट्रीज की सफलता केवल कारोबार के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। वर्तमान में कंपनी में 55 लोगों को स्थायी रोजगार मिला हुआ है। इनमें 20 स्थानीय महिला कार्यकर्ता शामिल हैं। इस प्रकार उद्योग के विस्तार से स्थानीय युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को भी रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर प्राप्त हुए हैं।
कन्फेक्शनरी और मिठाइयों से लेकर स्नैक्स तक, देशभर में पहुंच
दीपम इंडस्ट्रीज द्वारा विभिन्न प्रकार के कन्फेक्शनरी उत्पाद, शीतल पेय, पारंपरिक मिठाइयां तथा नमकीन और स्नैक्स तैयार किए जा रहे हैं। कंपनी ने स्थानीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाने के साथ-साथ अपने उत्पादों की पहुंच देश के विभिन्न हिस्सों तक बनाई है। आज दीपम इंडस्ट्रीज के उत्पादों की आपूर्ति पूरे भारत में की जा रही है।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर युवा बन सकते हैं आत्मनिर्भर
जिला एमएसएमई केंद्र के उप निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि सिरसा जिले में खाद्य प्रसंस्करण एवं पेय निर्माण क्षेत्र में करीब 300 से अधिक पंजीकृत इकाइयां स्थापित हैं। इनमें मसाले, जूस, पशु आहार, राइस मिल, दाल मिल और बेकरी उत्पादों सहित विभिन्न प्रकार की खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां शामिल हैं। ये इकाइयां स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के साथ-साथ जिले की औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए उद्यम शुरू करने तथा मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए विभिन्न प्रोत्साहन एवं सहायता योजनाएं उपलब्ध हैं। दीपम इंडस्ट्रीज की सफलता यह दर्शाती है कि उचित योजना, मेहनत, आधुनिक तकनीक और सरकारी नीतियों का लाभ लेकर छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी बड़े उद्योग का रूप ले सकता है। इच्छुक युवा और उद्यमी इन योजनाओं की जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल अथवा जिला एमएसएमई केंद्र से संपर्क कर लाभ उठा सकते हैं और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।

