MGNREGA Scheme Employment : केंद्र सरकार ने गांवों की तस्वीर को बदलने के लिए ग्रामीण विकास का बड़ा फैसला लिया है। जहां पर गांव में किसान, महिलाओं व युवाओं को सीधा लाभ देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 375 नए कार्यों को मंजूरी दी है। इसके माध्यम से देश के प्रत्येक गांव में रोजगार के अवसर बढ़ने वाले है।
पहले मनरेगा यानी विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी–जी राम जी अधिनियम, 2025’ में संशोधन करते हुए गांवों में 266 कार्य से बढ़ाकर उसको 375 कर दिया है। ऐसे में गांवों में ही रोजगार मिलने के अवसर बढ़ गए है। केंद्र सरकार का नया ग्रामीण मिशन के तहत जल, सड़क, आजीविका और आपदा सुरक्षा पर बड़ा काम किया है। नई अनुसूची पिछले ढांचे के तहत निर्धारित 266 कार्यों की तुलना में 41 प्रतिशत का विस्तार किया है।
इसमें चार विषयगत स्तंभों को शामिल किया गया है। इसमें जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से संबंधित बुनियादी ढांचा तथा अत्यधिक मौसम की घटनाओं और आपदा तैयारी के लिए विशेष कार्य के तहत पुनर्गठित किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा फोकस 181 कार्य कृषि और संबद्ध गतिविधियों से संबंधित हैं, जिनमें 52 व्यक्तिगत लाभार्थी कार्य शामिल हैं।
इनमें जल, भूमि, वृक्षारोपण, पशुधन और अन्य उत्पादक परिसंपत्तियों से संबंधित कार्य शामिल हैं, जो किसानों को प्रत्यक्ष रूप से सहायता प्रदान कर सकते हैं। कमजोर परिवारों के लिए 107 कार्य निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 68 व्यक्तिगत लाभार्थी कार्य शामिल हैं। इनमें आवास, स्वच्छता, ऊर्जा, सिंचाई, वृक्षारोपण, पशुधन आश्रय स्थल तथा परिवार स्तर की अन्य परिसंपत्तियों से संबंधित कार्य शामिल हैं।
128 कार्यों के साथ जल सुरक्षा को सबसे बड़ा हिस्सा मिला
विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन(ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ के तहत जल सुरक्षा स्तंभ में 128 कार्य ग्रामीण क्षेत्र में शामिल किए गए है। इसमेंचेक डैम, गली प्लग, भूमिगत बांध, रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन कुएं, नदियों, छोटी नदियों और नालों का दोबारा निर्माण, जलभराव वाली भूमि का सुधार तथा खेतों में जल-वितरण चैनलों का जीर्णोद्धार शामिल है। ऐसे में जिन किसानों की भूमि पर जलभराव होता है, उसको भी सुधारने के लिए इस योजना में शामिल किया है। इसके अलावा ड्रिप सिंचाई, फव्वारा प्रणाली, छतों पर वर्षा जल संचयन और टांकों के साथ-साथ जल संरक्षण और सिंचाई के लिए बर्फ-स्तूपों तथा कृत्रिम हिमनदों जैसे नए उपायों को भी शामिल किया गया है।
ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने के लिए 111 कार्य शामिल
नए नियम के तहत ग्रामीण का मजबूत ढांचा स्थापित करने के लिए 111 कार्य शामिल किए है। जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक नागरिक और बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करना है। अब गांवों में सौर स्ट्रीट लाइटिंग, अपशिष्ट से संपदा रीसाइक्लिंग संयंत्र, ग्रे-वॉटर उपचार इकाइयां, कचरा पृथक्करण शेड, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, बहुउद्देशीय युवा केंद्र, सामुदायिक सुविधाएं तथा सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का इसमें शामिल किया गया है।
ग्रामीण आजीविका में 98 कार्य किए शामिल
केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए ढांचे में आजीविका से संबंधित बुनियादी ढांचे को शामिल किया गया है। इसमें 98 कामों को शामिल किया गया है। इसमें कृषि-प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से बुनियादी ढांचा, सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग इकाइयां, शीत भंडारण सुविधाएं, मिनी आटा मिलें, कृषि बाजार परिसर, डेयरी अवसंरचना, मशरूम उत्पादन शेड, रेशम उत्पादन शेड, पॉली-हाउस तथा जलीय कृषि संरचनाएं शामिल हैं।
इसमें स्वयं सहायता समूहों और उनके संघों के लिए बुनियादी ढांचा का प्रावधान किया गया है, जिसमें एसएचजी कार्यशालाएं, शी मार्ट और संघ भवन, साथ ही प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्र शामिल है।
बाढ या दूसरी आपता में भी शामिल किए 38 कार्य
केंद्र सरकार द्वारा अहम फैसला लेते हुए बाढ़ सहित अन्य प्राकृतिक आपदा के दौरान भी रोजगार देने के लिए नया ढांचा तैयार किया है। इसमें आपदा तैयारी और चरम मौसम की घटनाओं के लिए एक समर्पित श्रेणी को शामिल किया गया है, जिसके अंतर्गत 38 कार्य निर्धारित किए गए हैं। इसमें केंद्र सरकार द्वारा बाढ़ राहत आश्रय स्थल, सुरक्षा दीवारें, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण, बाढ़ सुरक्षा कार्य, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों और सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन, तथा जंगल की आग से निपटने के उपाय के रूप में फायर लाइन और ईंधन-बफर क्षेत्र शामिल हैं।

