Electricity connection : हरियाणा में बिजली कनेक्शन के नियम बदलने वाले है। पहले घर में कई मंजिल भवन बनने के बाद भी एक ही कनेक्शन दिया जाता था, लेकिन सरकार अब नियम बदलकर प्रत्येक मंजिल का अलग से मीटर देने की तैयारी कर ली है। इसके बाद मकान मालिकों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
अगर मकान के दूसरी मंजिल पर किरायेदार रहता है तो उसके साथ बिजली के बिल का झंझट ही खत्म हो जाएगा। सभी मंजिल का अलग-अलग बिजली बिल आएगा और मकान मालिक को बिजली खर्च से राहत मिल जाएगी। लंबे समय से उपभोक्ताओं की मांग और गुरुग्राम समेत कई जिला अदालतों के दिए गए फैसलों के बाद इस मुद्दे पर हरियाणा विद्युत नियामक आयोग छह अक्टूबर को लोगों की सुनवाई करेगा।
इसका सबसे ज्यादा असर हरियाणा के मेट्रो सिटी गुरुग्राम व फरीदाबाद में बने हुए ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में अक्सर एक फ्लोर पर एक से अधिक मकान हैं। वर्तमान में फ्लोर में केवल एक कनेक्शन दिया जा रहा है। जिस कारण अक्सर इन मकानों में रहने वाले लोगों के झगड़े होते रहते हैं। गुरुग्राम की अदालत इस संबंध में अलग कनेक्शन देने के निर्देश दे चुकी है।
अब अवैध कालोनी व झुग्गियों में भी बिजली कनेक्शन मिलेगा
हरियाणा में बिजली कनेक्शन को लेकर लगातार बदलाव किए जा रहे है। हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2023 में बिल्डिंग कोड में बदलाव कर रही है। इसके बाद अवैध कालोनियों और झुग्गियों में भी बिजली कनेक्शन दिए जाने का प्रविधान किया है। इसी को आधार बनाते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने एक ही मंजिल पर निर्मित बहु-फ्लैटों हरियाणा भवन संहिता के उल्लंघन में बनाए जा रहे फ्लैटों को बिजली कनेक्शन जारी करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगने हेतु हरियाणा विद्युत विनियामक बोर्ड के समक्ष याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ता ने एक ही मंजिल पर निर्मित कई फ्लैटों के लिए अलग-अलग बिजली कनेक्शन प्रदान करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने और नियमों में उपयुक्त संशोधन करने की मांग की है। वर्तमान में ऐसा कोई नियम नहीं है जिसमें एक ही फ्लोर पर बने एक से अधिक मकानों को अलग-अलग कनेक्शन दिए जा सकें।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पास ऐसे ढेरों आवेदन और ज्ञापन हैं, जिनमें यह मांग उठाई गई है। एचईआरसी के समक्ष दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का भी हवाला दिया गया है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने इस संबंध में छह अक्टूबर को जनसुनवाई आयोजित की है। इसमें आम जनता तथा संबंधित हित धारक भाग ले सकेंगे।

