Haryana News : रोहतक के दस गांवों को बिजली कट से राहत मिलने वाली है।अब इन गांवों में अब शहरों की तरह ही 24 घंटे बिजली सप्लाई होगी। इसके लिए रोहतक जिले के दस गांवों को शामिल किया गया है। हालंकि इन गांवों को नगर निगम रोहतक में 2011 में जब 10 गांवों को नगर निगम रोहतक में शामिल किया था, लेकिन उसके बाद इन गांवों को शहर जैसी सुविधा नहीं मिल पाई थी।
शहर के सभी टैक्स देने के बावजूद इन गांवों को बिजली की शहरी फीडर से नहीं मिल पा रही थी। इसके कारण यह गांव 15 साल से इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब तक यह सुविधा नहीं मिली थी। अब इन गांवों का इंतजार पूरा होने वाला है। इस ग्रामीणों को रोज 4 से 5 घंटे के बिजली कट झेलने पड़ रहे हैं।
जबकि इन गांवों के आसपास विकसित हुई प्राइवेट कॉलोनियों को शहरी फीडरों से जोड़ दिया है। हालात यह हैं कि गांवों का सही तरीके से लोड मैनेजमेंट तक नहीं हो रहा है। ओवर लोडिंग की समस्या से निपटने के लिए गांव खेड़ी साध को तो आईएमटी पावर हाउस से जोड़ दिया, लेकिन इसके साथ लगते अन्य गांवों का बिजली लोड तय मानक 150 से कहीं अधिक होने के बाद उन्हें नजदीकी आईएमटी पावरहाउस से नहीं जोड़ा गया।
हैरानी की बात तो यह है कि कन्हेली और पहरावर गांव जिले में सबसे पहले म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत जगमग हुए थे, लेकिन इतने सालों बाद भी इन्हें शहरी फीडर का दर्जा नहीं दिया गया। इसी तरह सुनारियां गांव के 2 अलग-अलग फीडर तो बनाए गए हैं। लेकिन कागजों में उन्हें अब भी ग्रामीण फीडर ही रखा गया है। वहीं बोहर गांव बड़ा होने और सेक्टरों के बिल्कुल नजदीक होने के बाद भी कटों से मुक्त नहीं हो पाया है।
इन दस गांवों को मिलेगी शहरी फीडर से बिजली
बिजली निगम ने रोहतक के दस गांवों को शहरी फीडर से बिजली देने की योजना बनाई है। इसमें खेड़ी साध, गढ़ी बोहर, बलियाणा, कन्हैली, सुनारियां कलां, बोहर माजरा, पहरावर, सुनारियां, अस्थल बोहर, बोहर को शामिल किया गया है।
बिजली निगम रोहतक के एक्सईन रामेंद्र मलिक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी या लोड संबंधी कुछ समस्याएं जरूर हैं. लेकिन शहरी क्षेत्र में बिजली कट की कोई समस्या नहीं है। निगम द्वारा सभी शहरी इलाकों में निर्वाध और बेहतर बिजली आपूर्ति की जा रही है।

