Haryana Tourist Attractions : हरियाणा के पर्यटन स्थलों को नया बूस्ट मिलने वाला है। हरियाणा सरकार की तरफ से पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए मेगा प्लान तैयार किया है। एनसीआर के 428 करोड़ के घरेलू पर्यटन बाजार पर हरियाणा की नजर है।
सरकार प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने के चुनिंदा पर्यटन स्थलों व परिसरों को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) माडल पर विकसित करेगी। निजी निवेश, तकनीक और विशेषज्ञता के जरिए इन स्थलों पर बेहतर आवास, खान-पान, मनोरंजन, आयोजन और साहसिक गतिविधियों जैसी सविधाएं विकसित की जाएंगी।
पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने नई दिल्ली में आयोजित एसोचैम स्वरा राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में हरियाणा के पर्यटन विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। कहा कि प्रदेश पर्यटन को निवेश, रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था व विरासत संरक्षण से जोड़कर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने होटल समूहों, दूर आपरेटरों, स्टार्टअप, तकनीकी कंपनियों और उद्यमियों से पर्यटन क्षेत्र में निवेश और भागीदारी का आह्वान किया।
प्रदेश में 38 पंजीकृत फार्म टूरिज्म स्थल और 11 होम स्टे: डा. अरविंद
शर्मा ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन को भी पर्यटन अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। सितंबर 2026 तक प्रदेश में 38 पंजीकृत फार्म टूरिज्म स्थल और 11 होम स्टे हैं। इनके माध्यम से पर्यटकों को खेती, ग्रामीण जीवन, हरियाणवी खान-पान और लोक संस्कृति से जोड़ने के साथ किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए अतिरिक्त आय व रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। अरविंद शर्मा ने कहा कि वर्ष 2025 में देश में करीब 428.7 करोड़ घरेलू पर्यटक यात्राएं हुईं। दिल्ली-एनसीआर से निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते हरियाणा इस बड़े बाजार का लाभ उठाने की स्थिति में है।
मोरनी से गांवों तक ग्रीन और ग्रामीण टूरिज्म का विस्तार
हरियाणा ग्रीन टूरिज्म पर विशेष फोकस करेगा। मोरनी, टिक्करताल, हथनीकुंड बैराज और तिलयार झील जैसे प्राकृतिक स्थलों में पर्यावरण आधारित और साहसिक पर्यटन की संभावनाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य ऐसा माडल तैयार करना है जिसमें पर्यटकों और सुविधाओं की संख्या बढ़े, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय पहचान पर प्रतिकूल असर न पड़े।

