SUCCESS STORY : आज के समय में UPSC भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। इसे पास करने के लिए छात्र दिन रात म्हणत करते है। अब ऐसे कुछ छात्र एक दो बार फ़ैल हो जाये तो हार मान लेते है लेकिन गोंडा के एक छोटे से स्कूल से निकलने के बाद तीन बार फ़ैल होकर भी हार नहीं मानी। जी हाँ वैष्णवी पॉल ने अपनी कमियों को सुधार लिया और चौथी बार 62वीं रैंक हासिल की। आइए डालते हैं उनकी जीवनी पर एक नजर

गोंडा की वैष्णवी पॉल ने यूपीएससी 2022 में 62वीं रैंक हासिल की और आईएएस बन गईं। एक मध्यम वर्गीय परिवार की इस लड़की की कहानी यूपीएससी के हर उम्मीदवार को प्रोत्साहित करेगी।

वैष्णवी ने अपनी स्कूली शिक्षा गोंडा के फातिमा स्कूल से की। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक किया। बाद में उन्होंने जेएनयू से परास्नातक पूरा किया।

तीन हार के बाद भी हार न मानते हुए, वैष्णवी ने स्नातकोत्तर के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन पहले तीन प्रयास असफल रहे। फिर उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। जीसवके बाद उन्होंने अपने जीवन में कुछ अहम बदलाव किये।

नई तैयारी और जनून के साथ वैष्णवी को चौथे प्रयास में सफलता मिली। वह यूपीएससी 2023 में 62वीं रैंक के साथ आईएएस बनीं।

अधिक जानकारी के लिए बता दे की वैष्णवी कहती हैं कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं है. माता-पिता, बहन, मामा, टीचर्स और दोस्तों ने कभी हार मानने नहीं दी. अब उन्होंने IAS हिमांशु मंगल के साथ सात फेरे लिए हैं.

