UPSC Success Story: यूपीएससी परीक्षा को पास करने में लोगों को कई साल लग जाते है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला अफसर के बारें में बताने वाले है, जिन्होनें इस मुश्किल परीक्षा को पहले प्रयास में ही क्रैक कर लिया और वह आईएएस बनी। ये कहानी है स्वाति मीणा की। स्वाति मीणा मध्य प्रदेश कैडर की 2007 बैच की आईएएस (IAS) अफसर हैं।
कौन है आईएएस स्वाति मीणा ?
स्वाति मीणा का जन्म 1984 में हुआ। वह राजस्थान के सीकर जिले की श्रीमाधोपुर तहसील स्थित ‘बुरजा की ढाणी’ गांव की रहने वाली हैं और उनकी स्कूली शिक्षा अजमेर से हुई।
उन्होनें साल 2007 की यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 260वीं रैंक हासिल की और महज 22 वर्ष की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में आईएएस अफसर बन गईं।
उनके पिता एक आरएएस अफसर हैं। वहीं उनकी मां डाॅ सरोज मीणा पेट्रोल पंप चलाती थीं। आईएएस ऑफिसर स्वाति मीणा की स्कूली शिक्षा अजमेर में ही हुई। उन्होनें सोफिया गर्ल्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। स्वाति की मां चाहती थी की बेटी बड़ी होकर डॉक्टर बने। लेकिन जब स्वाति 8 वीं कक्षा में पढ़ती थी तो उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया, जिससे उन्होनें ठान लिया था कि वह ऑफिसर ही बनेंगी।
ऐसे शुरू हुआ यूपीएससी का सफर
दरअसल स्वाति की मौसी ऑफिसर थी। जब स्वाति के पिता उनसे मिले तो वह काफी खुश थे। पिता की खुशी देख स्वाति ने भी बड़े होकर आईएएस ऑफिसर बनने की ठान ली। ऐसे में उनके पिता ने भी उनका काफी साथ दिया।
जब स्वाती ने अपनी पढ़ाई पूरी की तो फिर UPSC की तैयारी शुरू कर दी। स्वाती के पिता ने उनकी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में काफी मदद की। उन्होंने इंटरव्यू राउंड के लिए स्वाति को तैयार करने के लिए उनके कई इंटरव्यू लिए।
पहले प्रयास में क्रैक किया UPSC
इसी का परिणाम था कि स्वाति ने अपने पहले प्रयास में साल 2007 में आयोजित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 260वीं रैंक हासिल की और महज 22 साल की उम्र में ही वह आईएएस ऑफिसर बन गईं।
निडर और दबंग ऑफिसर के रूप में जानी जाती है स्वाति मीणा
आईएएस ऑफिसर स्वाति मीणा एक निडर और दबंग ऑफिसर के रूप में जानी जाती हैं। दरअसल जब स्वाति मध्य प्रदेश के मंडला में तैनात थीं, तब वहां खनन माफियाओं का बोलबाला था, जब वे कलेक्टर बनकर वहां पहुंचीं तो उन्हें खनन माफिया के खिलाफ अलग-अलग विभागों से इतनी शिकायतें मिलीं। इन्हीं सब शिकायतों के आधार पर उन्होंने कार्रवाई की, मीना ने वहां आते ही इन खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ दिया था।

