हांसी में स्वतंत्रता दिवस समारोह को बाधित करने पहुंचे किसानों और पुलिस के बीच हुए टकराव को लेकर हांसी के SP विनोद कुमार ने बड़ा बयान दिया है। SP के मुताबिक, हिसार में जीवन हत्याकांड को लेकर गठित कमेटी की ओर से 15 अगस्त के कार्यक्रम को बाधित करने का आह्वान किया गया था। इसी के तहत कई जगहों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों में हांसी पहुंचे। SP ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नाकों पर रोकने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया और ट्रैक्टरों से पुलिस नाके तोड़ने तथा पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक, इस घटनाक्रम में पुलिस के करीब पांच-छह जवान घायल हुए हैं। मैं खुद DSP और CIA इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। पुलिस ने मामले में कई नामजद लोगों समेत करीब 150 से 200 अन्य महिला-पुरुषों के खिलाफ केस दर्ज किया है। SP के अनुसार, सुरेश कोथ, अनिल भालकिया, रोशन लाल पाबड़ा, नरेंद्र कुंडू, रामफल प्रधान, अमरजीत कुंडू, रवि पूर्व सरपंच, अजीत पूनिया, महेंद्र सिहाग, रामकेश, वारिस सिंधु, रोहतास, दयानंद उर्फ दाना दुहन, बेली राम फौजी और शमशेर नंबरदार समेत अन्य के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ PDPP एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के कई ट्रैक्टर और वाहन भी जब्त किए हैं। वहीं हांसी SP की पत्थर फेंकते हुए वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर विनोद कुमार ने कहा कि मौके पर भारी भीड़ थी और भीड़ को तितर-बितर करने तथा पुलिस से दूर रखने के लिए पुलिस की ओर से भी पत्थर चलाए गए।