वॉयस ऑफ पानीपत(तमन्ना गोयल) – हरीयाणा स्थित कोहंड गांव के अध्यापक प्रदीप कुमार (55), श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हिंदी टीचर शुक्रवार करीब 12 बजे घर से निकले और लापता हो गए। जाने से पहले उन्होंने अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में एक मैसेज भेजा जो कि सुसाइड नोट की तरह था। प्रदीप गांव कोहंड के बूथ नंबर 221 के बीएलओ भी हैं। 15 जून से उनके इलाके में एसआईआर का काम चल रहा था। करीब 7 घंटे के बाद पुलिस ने शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे जरनैली कॉलोनी में उन्हें उनके चाचा के घर से बरामद किया।

कोहंड गांव के टीच़र प्रदीप कुमार
प्रदीप कुमार ने अपने सुसाइड नोट में लापता होने से पहले लिखा कि एसआईआर के चलते उन्हें एक सुपरवाइज़र का फोन आया कि करनाल में डीसी साहिबा की कल्पना चावला ऑडिटोरियम में मीटिंग है। मीटिंग के बाद घरौंडा के एसडीएम साहब , तहसीलदार साहब और सुपरवाइजर श्री जितेन्द्र सिंह ने फोन करके बुलाया। जिस दौरान उनकी कोई समस्या नहीं सुनी गई और तीनों ने घेरकर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। एसडीएम साहब ने कहा कि” मैं तुझे चार्जशीट दे दूंगा। तुझे नौकरी करनी सिखा दूंगा। सारी जिंदगी स्पष्टीकरण देते घूमता रहेगा। इतनी आसानी से निकल नहीं पाएगा।” जिसके बाद उन्होंने लिखा कि मैं 55 वर्ष का हूँ।और इस उम्र में यह मानसिक दबाव सहन नहीं कर सकता और इस मानसिक तनाव के कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूँ। और मुझे इस अवस्था में पहुँचाने वाले घरौंडा के श्री एसडीएम साहब, श्री तहसीलदार साहब और कंप्यूटर प्राध्यापक सुपरवाइजर श्री जितेन्द्र सिंह हैं।
पुलिस जांच–
प्रदीप कुमार ने अधिकारियों के फोन में एक नोट भेजा था जिसमें तहसीलदार, सुपरवाइजर और एसडीएम पर उत्पीड़न का आरोप लगा था। जिसके तुरंत बाद पुलिस एक्टिव हो गई और जांच शुरू कर दी। सेक्टर-9 पुलिस चौकी के इंचार्ज संदीप कुमार के अनुसार, सबसे पहले सेक्टर-9 के कॉन्वेंट स्कूल के पास उनकी गाड़ी मिली। साथ ही गाड़ी में दो मोबाइल भी मिले। जिसके बाद पुलिस ने सारे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। सीसीटीवी फुटेज में पता चला कि प्रदीप ने गाड़ी छोड़कर दो ई-रिक्शा लिए। एक ई-रिक्शा से वे आईटीआई चौक और दूसरे से जरनैली कॉलोनी गए।

लापता टीचर को तलाशती पुलिस
करीब 7 घंटे के बाद पुलिस ने शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे जरनैली कॉलोनी में उन्हें उनके चाचा के घर से बरामद किया। जिसके बाद रात करीब 8 बजे उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार प्रदीप का घर दयाल सिंह कॉलोनी में है, लेकिन पहले वे जरनैली कॉलोनी में ही रहते थे। साथ ही पुलिस ने यह भी बताया कि यह मामला घरौंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है और वहां व उनकी चौकी में परिजनों की और से कोई शिकायत नहीं दी गई है।
TEAM VOICE OF PANIPAT

