Turbo Ventilator: जब भी आप बस, ट्रेन या अपनी गाड़ी से यात्रा करते हैं तो कई जगह औद्योगिक ईकाईयों या बड़े-बड़े गोदामों की छत पर आपकी नजर गई होगी। यहां छत पर बड़े बड़े गोल पंखे ऊपर की ओर घूमते नजर आते हैं। यह देख कर हर किसी के मन में आता है कि आखिर यह पंखे ऊपर की और क्यों घूमते हैं।
आईए आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं। क्योंकि जब फैक्ट्रियों की छतों पर यह पंखे घूमते हुए दिखते हैं तो मन में प्रश्न उठाता है कि क्या इनको घुमाने के लिए कोई मोटर लगी होती है। लेकिन ऐसा नहीं होता। असर में यह एक खास तकनीक होती है, जो एक विशेष पैट्रन पर काम करती है।
क्योंकि गोदामों की छतों पर लगे यह पंखें बिना किसी ऊर्जा के चलते हैं। इसके लिए न तो बिजली की जरूरत होती है न ही किसी भी प्रकार के अन्य ईंधन की। इसको टर्बो वेंटिलेटर या विंड टर्बाइन वेंटिलेटर के नाम से जाना जाता है। इसको लगाया जाता है, ताकि गोदाम या फैक्टरी में बन रही गर्म हवा ऊपर निकल जाए। यानी यह पंखे की तरह ठंडक देने के लिए नहीं होते। बल्कि गोदाम या फैक्टरी में ठंडक बनाए रखने के लिए हवा को बाहर निकालते हैं।
यह टर्बो वेंटिलेटर एसी की तरह अंदर के स्थान को ठंडा तो नहीं करते, लेकिन तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसीलिए इनको बड़ी फैक्टरी या गोदामों में लगाया जाता है। इसका डिजाइन इस प्रकार से होता है कि बारिश का पानी भी अंदर नहीं आ सकता।
कैसे काम करती है तकनीक
अब अगला प्रश्न यह है कि जब कोई ऊर्जा नहीं लगती तो तो एक ही छत पर यह कई-कई पंखे घूमते कैसे हैं। दरअसल टर्बो वेंटिलेटर को चलाने के लिए इसका डिजाइन ही काम करता है। क्योंकि इस पर खास प्रकार से घुमावदार डिजाइन वाले ब्लेड लगाए जाते हैं। इससे अंदर की गर्म हवा को आसानी से बाहर निकाला जाता है। जब अंदर की गर्म हवा इनके संपर्क में आती है तो यह खुद ही घूमने लगते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो अंदर की हवा से ही इसको ईंधन मिलता है।
प्राकृतिक रूप से होता है वैंटिलेशन
यह तकनीक किसी भी गोदाम या फैक्टरी में प्राकृतिक रूप से वैंटिलेशन का काम करती है। क्योंकि जब फैक्ट्री में कोई भी कार्य होता है तो इससे गर्मी पैदा होती है। यह गर्म हवा हल्की होने के कारण ऊपर उठती है तो टर्बो वेंटिलेटर इसको बाहर निकलने में सहायक होते हैं। इससे भवन के अंदर प्राकृतिक रूप से वैंटिलेशन होता है। क्योंकि इससे ताजा हवा अंदर आने के लिए जगह बनती है।

