18.5 C
Panipat
March 7, 2026
Voice Of Panipat
Haryana News

सरकार का बड़ा कदम, प्रॉपर्टी टैक्स में अब नहीं होगी हेराफेरी

वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा) -: प्रॉपर्टी टैक्स में होने वाली हेराफेरी शायद अब बंद हो जाए।क्योंकि हरियाणा प्रदेश की सभी 86 नगर पालिकाओं, परिषदों और निगमों में स्थित करीब 32 लाख प्रॉपर्टी में से 29 लाख का जियो डाटा बेस तैयार हो चुका है। शेष तीन लाख प्रॉपर्टी की मैपिंग का काम तेजी से चल रहा है। जिससे अब प्रापर्टी टैक्स की वसूली की राह आसान होगी।बता दें कि जियो मैपिंग के चलते झज्जर के बेरी और जींद में टैक्स गणना में दो से तीन गुणा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं अब हर जिले में ऐसा होगाऔर प्रापर्टी टैक्स लगाने से लेकर वसूलने तक में कहीं गड़बड़ नहीं की जा सकेगी।

अभी तक प्रदेश में जीआइएस मैपिंग की कमी के चलते शहरी निकायों को प्रॉपर्टी की लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा था और उसका टैक्स कितना बनता है। इससे टैक्स में खूब हेराफेरी हो रही थी। सेटिंग के आधार पर प्रापर्टी टैक्स के बिल भेजे जा रहे थे और सेटिंग के आधार पर ही उन्हेंं एडजेस्ट भी कर दिया जाता था। प्रॉपर्टी की मैपिंग और टैगिंग कराने वाला हरियाणा अब पहला राज्य बन गया है। शहरी निकाय मंत्री अनिल विज, अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएन राय और महानिदेशक अमित अग्रवाल की टीम ने इस कार्य में खास रुचि दिखाई है।

शहरी क्षेत्रों में पड़ती संपत्तियों की सीमा का निर्धारण ड्रोन से हवाई सर्वेक्षण के जरिये होने से टैक्स संबंधी शिकायतें दूर होंगी। पुराने सर्वे डाटा में 60 फीसद मामलों में प्रॉपर्टी मालिक व 90 फीसद मामलों में पिता के नाम का उल्लेखन नहीं था। कंसलटेंसी फर्म याशी कंसलटिंग की ओर से तैयार संशोधित डाटा के आधार पर अब विभाग द्वारा टैक्स नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शहरी निकाय मंत्री अनिल विज दोनों चाहते थे कि प्रापर्टी टैक्स में होने वाली गड़बड़ दूर हो। जियो मैपिंग के चलते कोई भी व्यक्ति मोबाइल या टैक्स आइडी का इस्तेमाल कर अपने प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी ले सकता है। यह टैक्स ऑनलाइन मोड से जमा कराया जा सकेगा। सभी शहरों में वार्ड, कॉलोनी और सेक्टरों की सीमा का निर्धारण जीआइएस मैप पर किया गया है। सभी संपत्तियों का सीरियल नंबर दिया गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआइआइडीसी, हाउसिंग बोर्ड से संबंधित कॉलोनियों में पुराने हाउस नंबर बरकरार रखे गए हैं।

पूरा प्रोजेक्ट स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज की निगरानी में चल रहा है। कंसलटेंसी फर्म याशी कंसलटिंग और शहरी निकाय के निदेशक अमित अग्रवाल की अगुवाई में निकायों की टीम द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स डाटा को राज्य स्तरीय पोर्टल पर डाला जा रहा है। प्रोजेक्ट पूरा होने पर संपत्तियों के टैक्स की गणना समान रूप से की जा सकेगी जिसमें टैक्स चोरी और टैक्स में अनियमितताओं संबंधी तमाम शिकायतें खत्म हो जाएंगी।

TEAM VOICE OF PANIPAT

Related posts

PANIPAT- गलत दवा खाने से महिला के साथ क्या घटना घटी

Voice of Panipat

22 दिनों के बाद खुल गया चंडीगढ़-दिल्ली हाइवे

Voice of Panipat

DAV पुलिस पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को यातायात के नियमों का पालन एवं साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में किया जागरूक

Voice of Panipat