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October 24, 2021
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हरियाणा में कोरोना के कारण बंद स्‍कूल-कालेज जल्‍द खुलेंगे, नई शिक्षा नीति पर बड़ा फैसला

गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित पूरे हरियाणा में कोराेना की दूसरी लहर के कारण बंद स्‍कूल और कालेज जल्‍द खुलेंगे। इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने इस संबंध में तैयारी करने को कहा है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार ने नई शिक्षा नीति के बारे में बड़ा फैसला किया है। नई शिक्षा नीति को देश में हरियाणा सबसे पहले लागू करेगा। हरियाणा में यह नीति पांच साल पहले लागू की जाएगी। देश में यह नीति 2030 में लागू होगी, लेकिन हरियाणा में इसे 2025 में लागू कर दिया जाएगा। राज्‍य के मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में इसको लेकर रोडमैप तैयार कर लिया गया।

मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने राज्‍य के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर और शिक्षा अधिकारियों के साथ नई शिक्षा नीति लागू करने को लेकर मंथन किया। बैठक में प्राइमरी एजुकेशन, हायर एजुकेशन, सेकेंडरी एजुकेशन और टेक्निकल एजुकेशन से जुड़े अधिकारियों ने शिरकत की।

हरियाणा में कोरोना संक्रमण कम होने के बाद अब स्कूल-कालेजों को खोलने की तैयारी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बैठक में निर्देश दिए कि दूसरी लहर में बंद हुए स्कूल-कालेजों को जल्द खोलने की योजना बनाई जाए। कोविड-19 प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करते हुए शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का सौ फीसद दाखिला सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए ड्राप आउट बच्चों का रियल टाइम डाटा तैयार किया जाए ताकि उन्हें दाखिला दिलाया जा सके। प्रत्येक जिले में विदेशी भाषा सिखाने वाले एक स्कूल को खोलने की संभावना तलाशी जाए। समय के अनुसार व मांग के अनुरूप इन स्कूलों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इन स्कूलों में आवासीय सुविधा भी हो। इन स्कूलों के लिए क्लस्टर प्लान बनाया जाए।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पूरे देश में नई शिक्षा नीति 2030 तक लागू होनी है, लेकिन सरकार की मंशा 5 साल पहले 2025 में ही लागू करने की है। नई शिक्षा नीति तीसरी क्लास से लेकर हायर एजुकेशन पर लागू होगी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में केजी से पीजी तक की शिक्षा शुरू होगी। मनोहरलाल ने कहा कि हरियाणा सरकार प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर प्रदेश को शिक्षा का हब बनाएगी। नई शिक्षा नीति में अनुसंधान पर ज्यादा जोर रहेगा। हरियाणा उच्चतर शिक्षा परिषद नई शिक्षा नीति को लागू करने की निगरानी करेगी।

सीएम मनोहरलाल ने कहा कि अब तक देश में बच्‍चों की शिक्षा छह साल कर आयु से शुरू होती थी, लेकिन अब सरकार आंगनवाड़ी के जरिए तीन साल की आयु से ही बच्‍चों की शिक्षा शुरू करेगी। बैठक में शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि चार हजार प्ले-वे स्मार्ट स्कूलों में से एक हजार स्कूल बन कर तैयार हैं। जैसे ही शैक्षणिक संस्थान दोबारा खुलेंगे, वैसे ही इन प्ले-वे स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शेष तीन हजार स्कूल खोलने का लक्ष्य भी इसी वर्ष प्राप्त कर लिया जाएगा।

मनोहरलाल ने कहा कि भविष्य की जरूरतों के हिसाब से पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा। अब तक बच्चे एक ही विषय को पढ़ पाते थे, लेकिन अब मल्टीपल सब्जेक्ट पढ़ाने की शुरुआत की जाएगी। ताकि, उनको दूसरे विषयों की भी जानकारी मिले। प्रदेश में साईंस शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाएगा।  सरकार ने 1418 कलस्टर बनाए हैं। हर क्लस्टर में एक साइंस स्कूल जरूर खोला जाएगा। उन्‍होंने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और उसके स्तर पर जोर देगी। शिक्षा में बदलाव के चलते इस बार प्रदेश में अब तक एक लाख 60 हजार बच्चों ने सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है।

केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि  कैबिनेट में फेरबदल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अधिकार क्षेत्र है। किस मंत्री को रखना है या किसे बनाना है यह उनका निर्णय होता है। हरियाणा के रहने वाले भूपेंद्र यादव को भी मंत्री बनाया गया है। इसलिए हमारे प्रदेश के फिर से तीन केंद्रीय मंत्री हुए हैं। वैसे पूरा देश अपना है। सहयोगियों के साथ मिलकर कैबिनेट में एक जवान टीम आगे आई है और यह देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगी। हरियाणा कैबिनेट में विस्तार पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि ये रणनीतिक फैसले होते हैं। सार्वजनिक तौर पर नहीं बताया जाता।

बैठक में महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, उच्चतर शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को वर्ष 2025 तक नई शिक्षा नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए बनाई गई रूपरेखा से अवगत कराया। एनईपी की सिफारिशों पर प्रदेश में पहले से ही काम हो रहा है। हरियाणा द्वारा की गई सिफारिशों को एनईपी में शामिल किया गया है। सीएम ने बताया कि प्रदेश में बहु-विषयक शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।

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