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January 27, 2026
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Haryana के ग्रामीण इलाके में बनेगे आइसोलेशन सैंटर

वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा):- हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्र में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस महामारी के हॉट-स्पॉट वाले गांवों में 15 मई, 2021 से आइसोलेशन सैंटर बनाकर लोगों की जांच शुरू की जाए। वे आज चड़ीगड़ में कोविड की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुलाई गई उच्च अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के दौरान जिन लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई दें, उनको गांव में ही बनाए गए आइसोलेशन सैंटर में क्वारंटीन किया जाए और वहीं पर उनका इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आइसोलेशन सैंटर में मैडिकल, पैरा-मैडिकल, आशा वर्कर इत्यादि कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई जाए।

बैठक में इस बात की जानकारी दी गई कि प्रारंभ में एक हजार आइसोलेशन सैंटर बनाने की योजना है, जिसके लिए वर्तमान में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच हेतु 5,000 थर्मल स्केनर, 4,000 ऑक्सीमीटर व पर्याप्त मात्रा में पैरासिटामोल व अन्य आवश्यक दवाइयां स्टॉक में उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर निर्देश दिए कि इस महामारी को रोकने के लिए युद्घ स्तर पर कार्य किया जाए चाहे वह आधारभूत संरचना की बात हो या किसी प्रकार की अन्य आवश्यक चाजों के खरीदने की बात हो, निविदा प्रक्रिया में न पडक़र ऑन-द-स्पॉट खरीद कर ली जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र में सीएचसी स्तर पर भी कोरोना के इलाज के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए हर सीएचसी में 5-10 बैड की व्यवस्था की जाए। उन्होंने बताया कि हरियाणा रोडवेज की 110 मिनी बसों को एंबुलेंस में परिवर्तित किया जा रहा है। हर जिला में 5-5 एंबुलेस-बसों को उपलब्ध करवाया जाएगा और इसके अलावा हर जिला में एक-एक बड़ी ए.सी. बस भी उपलब्ध रहेगी, जिसका आइसोलेशन-सैंटर की तरह प्रयोग किया सकेगा।

मुख्यमंत्री ने इस बात के भी निर्देश दिए कि मैडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन के भंडारण के लिए ऑक्सीजन-टैंक जल्द से जल्द बनाए जाएं। जिन जिलों में मैडिकल कालेज दूर हैं और ऑक्सीजन के लिए ऑक्सीजन-सिलेंडर पर निर्भरता है, वहां पर लिक्विड-मैडिकल ऑक्सीजन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने हर जिला में 5 से 10 नए वैंटिलेटर स्थापित करने के भी निर्देश दिए ताकि गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बात पर कड़ी निगरानी रखी जाए कि प्राइवेट अस्पताल बेड के लिए निर्धारित दरों से अधिक न वसूलें। बैठक में बताया गया कि कोविड-19 की वैक्सिन के लिए शीघ्र ही ग्लोबल-टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रधान सचिव डी.एस. ढेसी, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, ग्रामीण विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी.उमाशंकर, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, उप प्रधान सचिव आशिमा बराड़, प्रधान ओएसडी नीरज दफ्तुआर, प्रधान मीडिया सलाहकार विनोद महता के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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