January 31, 2026
Voice Of Panipat
Big Breaking NewsHaryanaHaryana NewsIndia NewsLatest NewsPanipatPANIPAT NEWS

कार्यवाही शुरू, पराली जलाने पर 3 पर FIR दर्ज, जबकि 5 किसानो पर लगाया जुर्माना

वायस ऑफ पानीपत (सोनम गुप्ता):- धीरे- धीरे धान की कटाई व धान की फसल का मंडी में पहुंचाने का कार्य जोर पकड़ रहा है। प्रशासन का सारा अमला, सारी ताकत पराली प्रबंधन पर लगी है। प्रशासनिक अधिकारी कृषि विभाग व अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ तालमेल करके किसानों को पराली से होने वाले नुकसान से अवगत करवा रहे है। कर्मचारी रात्रि तक खेतों में किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक कर रहे हैं। जिला सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग की टीम भी गांव-गांव जाकर पराली प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने में लगी हंै। उपायुक्त (DC) डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि पराली प्रबंध चुनौती जरूर है लेकिन जटील नहीं हैं वे इसमें कामयाब जरूर होंगे।

उपायुक्त (DC) ने बताया कि पराली जलाने से मृदा तापमान में इजाफा होता है, जिसका फसलों पर नकारात्मक असर पड़ता है। किसानों को खेत में पराली नहीं जलाने के नियमों को सख्ती से लागू कराने के लिए जिले में अनेक अधिकारियों की टीमें मॉनिटरिंग के लिए बनाई गई हैं जो निरंतर अपना कार्य कर रही है। सरकार ने पराली जलाने से किसानों को रोकने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। बार-बार पराली जलाने की हिमाकत करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है। अभी तक 5 किसानों पर जर्माना लगाया गया है व 3 पर एफआईआर दर्ज की गई है।

अभी तक जिले में पराली जलाने के 10 के करीब केस सामने आये हैं जिनमें केवल 7 ही आइडेंटीफाइड हुए हैं।
उपायुक्त (DC) ने बताया कि सरकार द्वारा पराली निस्तारण के बेहतर विकल्पों को साझा करने के क्रम में किसानों को कुछ नई व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई हैं। सरकार द्वारा प्रति एकड़ एक हजार का अनुदान भी दिया जा रहा है। कृषि भूमि में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा निरंतर घट रही है। ऐसे में पराली की मात्रा मिलाने से मृदा में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ेगी। किसान धान की पराली को मृदा में मिलाकर कार्बनिक खाद बना सकते है और इससे पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में सार्थक सहयोग कर सकते है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक आदित्य डबास ने बताया कि  आग लगने की घटनाओं के प्रति धीरे-धीरे लोगों में जागरूकता आ रही हैं। उन्होंने किसानों से अनुरोध है कि वे इनसीटू या एक्ससीटू के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन करें। किसान किसी भी परेशानी की सूरत में सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं, कृषि विज्ञान केंद्रों से भी मदद ले सकते हैं।

TEAM VOICE OF PANIPAT

Related posts

PANIPAT में जुआ खेलते हुए 6 युवकों को किया काबू

Voice of Panipat

Weight loss से लेकर दिल को स्वस्थ रखने तक, भुने चने खाने के हैं फायदे

Voice of Panipat

PANIPAT:- ड्राइवर की दगाबाजी, सामान से भरा कैंटर लेकर हो गया था फरार, अब गिरफ्तार

Voice of Panipat