वायस ऑफ पानीपत (शालू मौर्या):- डियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) का PSLV-C62 मिशन सोमवार को तकनीकी खराबी के कारण पूरा नहीं हो सकता… इस मिशन के तहत PSLV रॉकेट से अन्वेषा सैटेलाइट और 14 को-पैसेंजर सैटेलाइट को लॉन्च किया गया था…

हालांकि, मिशन के तीसरे चरण में तकनीकी गड़बड़ी देखी गई, जिसके कारण सैटेलाइट अपने तय ऑर्बिट में तैनात नहीं हो सका.. अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट (EOS-N1) अन्वेषा को धरती से करीब 600 किलोमीटर ऊपर सूर्य-समकालिक कक्षा में तैनात करने की योजना थी.. अन्वेषा सहित 15 सैटेलाइट्स को आज सुबह 10.18 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV)-C62 के जरिए लॉन्च किया गया था… अन्वेषा को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है… यह उन्नत इमेजिंग क्षमताओं से लैस एक स्पाई (खुफिया) सैटेलाइट है, जिसका मकसद सटीक निगरानी और मैपिंग करना है… यह धरती से कई सौ किलोमीटर ऊपर होने के बावजूद झाड़ी, जंगलों या बंकरों में छिपे दुश्मनों की तस्वीरें खींच सकता है…

TEAM VOICE OF PANIPAT

