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June 19, 2021
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Haryana News

वर्षों पुराने जल विवाद का नए सिरे से हल खोजने की पहल

वायस आफॅ पानीपत (देवेंद्र शर्मा): सतलुज -यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मध्यस्थता से हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्रियों के बीच मंगलवार को बातचीत हुई। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में दोनों ने अपना पक्ष रखा। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा के हिस्से पर हरियाणा का अधिकार है। इसके लिए नहर के निर्माण की तत्काल आवश्यकता है।

वहीं, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एसवाईएल नहर के निर्माण व पानी देने की बात तो दूर, यमुना के पानी में भी हिस्सा मांग लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब का यमुना के पानी पर अधिकार था, लेकिन विभाजन के समय पानी बंटवारे के अनुसार नहीं मिला।

इस पर मनोहर लाल ने कहा कि एसवाईएल का निर्माण और पानी की उपलब्धता दो अलग-अलग मुद्दे हैं। ये एक दूसरे से जुड़े हुए नहीं हैं। इस मामले में भ्रमित नहीं करना चाहिए। 1981 के समझौते के अनुसार पानी की वर्तमान उपलब्धता के आधार पर राज्यों को पानी का आवंटन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी 2002 को दिए फैसले में भी यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि एसवाईएल नहर के निर्माण को पूरा करना है।

सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मध्यस्थता से हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्रियों के बीच मंगलवार को बातचीत हुई। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में दोनों ने अपना पक्ष रखा। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा के हिस्से पर हरियाणा का अधिकार है। इसके लिए नहर के निर्माण की तत्काल आवश्यकता है।

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वहीं, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एसवाईएल नहर के निर्माण व पानी देने की बात तो दूर, यमुना के पानी में भी हिस्सा मांग लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब का यमुना के पानी पर अधिकार था, लेकिन विभाजन के समय पानी बंटवारे के अनुसार नहीं मिला।

इस पर मनोहर लाल ने कहा कि एसवाईएल का निर्माण और पानी की उपलब्धता दो अलग-अलग मुद्दे हैं। ये एक दूसरे से जुड़े हुए नहीं हैं। इस मामले में भ्रमित नहीं करना चाहिए। 1981 के समझौते के अनुसार पानी की वर्तमान उपलब्धता के आधार पर राज्यों को पानी का आवंटन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी 2002 को दिए फैसले में भी यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि एसवाईएल नहर के निर्माण को पूरा करना है।

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