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Dhanteras : धनतेरस पर क्या-क्या खरीदें और कब करें पूजा? जानें शुभ मुहूर्त और धार्मिक मान्यता

 
Dhanteras  धनतेरस पर क्या-क्या खरीदें और कब करें पूजा जानें शुभ मुहूर्त और धार्मिक मान्यता

Dhanteras kab hai : दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत धनतेरस से होगी। धनतेरस 6 नवंबर शुक्रवार को मनाई जाएगी। खास बात यह है कि करीब सात साल बाद धनतेरस पर हस्त नक्षत्र, विश्व योग और शुक्र प्रदोष का विशेष संयोग बन रहा है। 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे संयोग में पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। देवी भवन मंदिर के पुजारी पंडित सुरेश ने बताया कि इस संयोग में की गई खरीदारी, पूजा-पाठ और शुभ कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।

ऐसे में इस बार धनतेरस पर बाजारों में खरीदारी के साथ घरों और प्रतिष्ठानों में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां भी रहेंगी। धनतेरस का दिन अपने आप में सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। इस दिन केवल सोना-चांदी और बर्तन खरीदना ही नहीं बल्कि नए वाहन की खरीदारी, गृह प्रवेश, हवन और पूजा-पाठ जैसे शुभ कार्य भी किए जा सकते हैं।

मान्यता है कि इस दिन शुभ मुहूर्त में शुरू किए गए कार्यों से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का संचार होता है। यही वजह है कि लोग धनतेरस पर नई वस्तुओं की खरीदारी को विशेष महत्व देते हैं।

खरीदारी और पूजा के मुहूर्त

  • सुबह का मुहूर्त सुबह 6:27 से 9:42 बजे तक खरीदारी और पूजा के लिए शुभ रहेगा। 
  • राहुकाल: सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य करने से बचें।
  • दोपहर बाद का मुहूर्त: दोपहर 3:20 से शाम 5:10 बजे तक खरीदारी और पूजा के लिए शुभ समय रहेगा।
  •  शाम का मुहूर्त: शाम 6:17 से रात 8:37 बजे तक पूजा-अर्चना और शुभ कार्य किए जा सकेंगे।

सोना-चांदी के अलावा झाडू, नमक खरीदना भी शुभ धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषणों के साथ बर्तनों की खरीदारी का भी विशेष महत्व है। पंडित के अनुसार इस दिन झाडू, चांदी, सोना, बर्तन और नमक खरीदना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इन वस्तुओं को सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना गया है।

यही कारण है कि लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोना-चांदी या अन्य शुभ माने जाने वाली छोटी से लेकर बड़ी वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। कोई घर के लिए नए बर्तन खरीदता है तो कोई सोने-चांदी के आभूषण या वाहन खरीदकर इस दिन को यादगार बनाता है।