Sakshi Sharma : खेत की पगडंडी से कॉमनवेल्थ के गोल्ड तक, कबड्डी में साक्षी ने रचा इतिहास
Sakshi Sharma : गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप-2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। 23 से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में भारत ने युगांडा को 35-15 से करारी शिकस्त देकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। इस ऐतिहासिक जीत में गांव करसिंधु की बेटी साक्षी शर्मा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। फाइनल मुकाबले में कप्तान निधि शर्मा की अगुवाई में उतरी भारतीय टीम की जीत में साक्षी शर्मा सबसे बड़ी नायिका बनकर उभरीं। उन्होंने शानदार रेड करते हुए 10 में से 9 रेड पॉइंट हासिल किए, जिनमें दो बोनस अंक भी शामिल रहे।
पहले हाफ में ही साक्षी ने अपनी सभी छह रेड सफल बनाते हुए सात अंक हासिल कर लिए थे। पूरे टूर्नामेंट में 52 अंक जुटाकर साक्षी प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ स्कोरर बनीं। साक्षी की इस उपलब्धि से गांव करसिंधु में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने फाइनल मुकाबला देखने के लिए गांव में बड़ी स्क्रीन लगाई थी। बेटी की जीत के बाद गांव में दिवाली जैसा माहौल बन गया।
एक एकड़ जमीन, लेकिन बेटी के सपनों को नहीं आने दी कमी
साक्षी की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और माता-पिता के सहयोग की मिसाल है। उनके पिता खेतीबाड़ी करते हैं और परिवार के पास मात्र एक एकड़ जमीन है। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी के खेल के प्रति जुनून को कभी कमजोर नहीं पडऩे दिया।
पिता चुडिय़ा राम ने बताया कि साक्षी को बचपन से ही कबड्डी खेलने का शौक था। वह हर परिस्थिति में अभ्यास करती थी। कई बार रात को बारिश होने के बावजूद घर की पक्की छत पर कबड्डी का अभ्यास जारी रखती थी। आज साक्षी ने केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव, हरियाणा और देश का नाम रोशन किया है।
साक्षी की मां कविता शर्मा ने भावुक होते हुए बताया कि पूरा परिवार और गांव बेटी की जीत से बेहद खुश है। सभी ने मिलकर टीवी पर मैच देखा और जीत के बाद एक-दूसरे को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब साक्षी घर लौटेगी तो पूरे गांव की ओर से उसका जोरदार स्वागत किया जाएगा। साक्षी को दूध, दही, मक्खन और देसी चूरमा बहुत पसंद है।
घर लौटने पर उसे उसकी पसंद का चूरमा खिलाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार कबड्डी को ओलंपिक में शामिल करवाने के लिए प्रयास करेगी, ताकि साक्षी जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी ओलंपिक में भी देश का तिरंगा लहरा सकें।
