logo

Guest Teachers के लिए हरियाणा में नई पॉलिसी लागू, छुट्टी, तबादला और रिटायरमेंट के नियम जारी

 

हरियाणा में गेस्ट टीचर (Guest Teachers) के लिए नई गाइडलाइन जारी हो गई। नए गाइडलाइन के तहत गेस्ट टीचरों को सरकार की तरफ से बड़ी राहत दी है, लेकिन गेस्ट टीचर यूनियन केवल नियमितकरण की मांग पर अड़ी हुई है। सरकार की इस नई गाइडलाइन का प्रदेश के 12 हजार टीचरों को सीधा लाभ मिलने वाला है।

इसमें गेस्ट टीचरों को छुट्टी, तबादला और रिटायरमेंट व विदेश घूमने के लिए नए नियम निर्धारित किए है। हालांकि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में अतिथि अध्यापकों के लिए सेवा सुरक्षा कानून बनाया था, लेकिन उसके नियम अधिसूचित नहीं हुए थे।

हरियाणा शिक्षा विभाग की तरफ से मंगलवार को हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा नियम 2026 को लागू किया है। इस सेवा नियम में अतिथि अध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 साल निर्धारित की है। साथ ही अवकाश, तबादले और अनुशासन से लेकर इस्तीफे तक प्रत्येक सेवा नियम पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

आकस्मिक अवकाश महिलाओं को 22 दिन व पुरुषों को मिलेगा 10 दिन

नए सेवा नियमों में गेस्ट टीचर के लिए आकस्मिक अवकाश की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। हालांकि इसमें महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग छुट्टियां निर्धारित की गई है। नए नियम के तहत पुरुष गेस्ट टीचर को 10 व महिला गेस्ट टीचर को 22 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलेगा। इसके अलावा दो बच्चों पर 15 दिन पितृत्व अवकाश के दिए जाएंगे। इसके अलावा गेस्ट टीचर को 730 दिन चाइल्ड केयर लीव भी दी जाएगी, यह चाइल्ड लीव केवल महिला और एकल पुरुष को ही मिल सकेगी। इसके अलावा गेस्ट टीचर ग्रीष्मावकाश में ही विदेश में जाने की अनुमति होगी।

30 जून से पहले सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को क्या मिलेगा

नए सेवा नियम के अनुसार आकस्मिक अवकाश को गेस्ट टीचर अधिकार के तौर पर दावा नहीं कर सकेगी। जिस वर्ष गेस्ट टीचर सेवानिवृत हो रहा है, उसके अवकाश की पात्रता सेवानिवृति की तारीख के आधार पर निर्धज्ञरित की जाएगी। 30 जून से पहले सेवानिवृत्त होने वाले पुरुष शिक्षक को पांच और महिला शिक्षक को 11 दिन आकस्मिक अवकाश मिलेगा।

प्रसव की तारीख से 15 दिन पहले से लेकर छह माह बाद तक यह अवकाश लिया जा सकता है। निर्धारित अवधि में अवकाश नहीं लेने पर यह समाप्त माना जाएगा। हरियाणा सरकार ने इन नियमों के साथ अतिथि शिक्षकों की सेवा शर्तों से संबंधित पूर्व में जारी सभी निर्देशों को निरस्त कर दिया है।

चाइल्ड केयर लीव में सेवा में ब्रेक नहीं होगा

सेवा नियम के अनुसार महिला गेस्ट टीचर और एकल पुरुष गेस्ट टीचर पूरी सेवा के दौरान दो वर्ष यानी 730 दिन की चाइल्ड केयर छुट्टी ले सकता है। यह सुविधा केवल दो बड़े जीवत बच्चों की देखभाल के लिए ले सकता है और उसके बच्चे की युवक 18 वर्ष तक होनी चाहिए। इस दौरान लिए जाने वाले अवकाश के समय वेतन नहीं दिया जाएगा, लेकिन उसकी सेवा में ब्रेक नहीं माना जाएगा।

अगर बच्च दिव्यांग है तो उसकी 18 वर्ष की आयु की शर्त लागू नहीं होगी। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि चाइल्ड लीव केयर को अधिकार के तौर पर नहीं माना जाएगा, बल्कि सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

विशेष परिस्थितियों में 240 दिन तक असाधारण अवकाश

नियमों में विशेष परिस्थितियों में अतिथि शिक्षक को अधिकतम 240 दिन का असाधारण अवकाश देने का प्रविधान किया गया है। इसके लिए चिकित्सा प्रमाण पत्र, सरकारी हित में उच्च अध्ययन या प्रशिक्षण अथवा अपरिहार्य परिस्थितियों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति ली जा सकेगी। इस अवधि में कोई अवकाश वेतन देय नहीं होगा और असाधारण अवकाश को किसी भी उद्देश्य के लिए अर्हक सेवा नहीं माना जाएगा।

तबादले शिक्षक स्थानांतरण नीति के अनुसार होंगे

अतिथि शिक्षकों के तबादले सरकार की ‘शिक्षक स्थानांतरण नीति 2026’ के प्रविधानों के अनुसार किए जाएंगे। विदेश यात्रा की अनुमति केवल ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विभागाध्यक्ष द्वारा सरकार के समय-समय पर जारी निर्देशों के तहत दी जा सकेगी