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दुनिया के तानों को अनसुना कर आगे बढ़ी पानीपत की बेटी, पर्यावरण संरक्षण में रच दिया इतिहास

SUCCESS STORY : प्लास्टिक कचरे का प्रबंधन कर नई पहचान बनाई है। हालांकि खाली प्लास्टिक की थैलियों को एकत्रित करने से लोग उनका मजाक भी उड़ाते थे और ताने भी मारते थे। सिमरन ने किसी भी परवाह नहीं की।
 
पर्यावरण संरक्षण में रच दिया इतिहास

SUCCESS STORY : जब भी कोई व्यक्ति लीक से हटकर काम करता है, उसको कई प्रकार की सामाजिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इसके बावजूद जो लोग लगे रहते हैं, वे अपनी खास जगह बनाते हैं। ऐसी ही हैं हरियाणा के पानीपत में रहने वाली सिमरन बठला।

जिन्होंने प्लास्टिक कचरे का प्रबंधन कर नई पहचान बनाई है। हालांकि खाली प्लास्टिक की थैलियों को एकत्रित करने से लोग उनका मजाक भी उड़ाते थे और ताने भी मारते थे। सिमरन ने किसी भी परवाह नहीं की।


 

पानीपत के सेक्टर 12 में रहने वाली सिमरन बठला ने घर में आने वाले प्लास्टिक को इस्तेमाल के बाद कचरा समझकर फेंका नहीं।

बल्कि इसको सहेजने का काम कर रही हैं। उनका यह काम पिछले 5 साल से चल रहा है। जो भी प्लास्टिक बैग या पैकेट आते हैं, वे इनको एकत्रित कर रही हैं।

उनका कहना है कि इससे पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकता है। क्योंकि घर में हर महीने इस प्लास्टिक से एक कट्टा भर जाता है।

सिमरन इसको रिसाइकिलिंग के लिए भेजती हैं। ताकि यह पर्यावरण के लिए खतरा नहीं बने।

क्योंकि प्लास्टिक के पैकेट हर कोई प्रयोग करता है। प्रयोग के बाद जब इसको कचरा समझ कर फैंक दिया जाता है तो यह लोगों के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी खतरा बन जाता है।


ऐसे में सिमरन ने इसका प्रबंधन कर बेहतर तरीके से निस्तारण की योजना बनाई है। जो अन्य लोगों को भी प्रेरित कर रही हैं।