New train stoppage : पूर्वांचलियों की मांग हुई पूरी, अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस का भी मिलेगा स्टापेज
रेलवे विभाग के पास हरियाणा में रहने वाले पूर्वांचलियों की आवाज पहुंच गई है। रेलवे विभाग ने पूर्वांचलियों की मांग पर हरियाणा के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पानीपत पर ट्रेनों के ठहराव को बढ़ा दिया है। पहले रेलवे विभाग ने गरीब रथ एक्सप्रेस का ठहराव किया था, लेकिन अब रेलवे विभाग ने अमृतसर-जयनगर-अमृतसर (04651-04652) ट्रेन का स्टॉपेज भी पानीपत में कर दिया है।
अमृतसर-जयनगर-अमृतसर ट्रेन का ठहराव अब 16 अक्टूबर से हो जाएगा। इसके लिए रेलवे विभाग की तरफ से नोटिस जारी करके टाइम टेबल भी जारी कर दिया है। पूर्वांचलियों ने त्योहारी सीजन को देखते हुए पानीपत के स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव की मांगी थी और लगातार दस दिन तक धरना दिया था। इसके बाद रेलवे विभाग ने ट्रेनों के ठहराव की मंजूरी दी है। अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस अब अमृतसर से आने वाली ट्रेन शाम 4:10 बजे और जयनगर ट्रेन से आने वाली ट्रेन रात 10:10 बजे पानीपत स्टेशन पर ठहरेगी।
चार लाख यात्रियों को मिलेगा लाभ
पूर्वांचल समाज समिति के नेता राजू श्रीवास्तव ने बताया कि पानीपत शहर में रोजगार के सिलसिले में पूर्वांचल के लोगों की काफी संख्या है। यहां पर करीब चार लाख से ज्यादा पूर्वांचल के लोगों का त्योहार पर आवाजाही रहती है। जहां पर जनसंख्या को देखते हुए यहां पर 5-6 ट्रेनों के ठहराव की जरूरत थी।
तीन दिन पहले अमृतसर-सहरसा गरीब रथ (12203/12204) के ठहराव का नोटिफिकेशन जारी होने पर धरना समाप्त किया गया था। अन्य ट्रेनों के स्टॉपेज का भी आश्वासन मिला है, लेकिन दिल्ली में चल रहे सीजेपी के आंदोलन के कारण रेलवे व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे शेष मांगें पूरी होने में समय लग रहा है।
रोहतक पैसेंजर में सफर हुआ असुरक्षित
पानीपत से शाम 7 बजे चलकर रात 9:30 बजे रोहतक पहुंचने वाली पैसेंजर ट्रेन (54050) में रेलवे को भारी अव्यवस्था की शिकायत की गई है। धीरपाल, सतपाल और रमेश आदि यात्रियों ने बताया कि गोहाना व अन्य स्टेशनों पर भारी भीड़ के कारण विशेषकर कोच नंबर 4 और 5 में पैर रखने की जगह नहीं होती।
इस भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व महिलाओं व बच्चों से अभद्रता, मोबाइल-पर्स स्नैचिंग और बेवजह चेन पुलिंग की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जिससे यात्रियों को भारी मानसिक परेशानी और देरी का सामना करना पड़ता है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से इस ट्रेन में नियमित जीआरपी और आरपीएफ की गश्त बढ़ाने की सख्त मांग की है।
