New Pension Rules : पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर, अब रिटायरमेंट से 4 साल पहले जांचे जाएंगे सर्विस रिकार्ड और पेंशन विवरण
केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की हित में बड़ा फैसला लिया है। इसका सीधा फायदा पेंशनभोगी कर्मचारियों को मिलने वाला है और भविष्य में सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने आदेश दिया है कि सभी विभागों को रिटायरमेंट से चार साल पहले कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड, वेतन निर्धारण (पे-फिक्सेशन) और पेंशन विवरण की जांच जरूर करानी होगी। सरकार के इस फैसले का 33.9 लाख पेंशन धारकों और 36.5 लाख कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने वाला है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से आदेश जारी किए गए है कि कर्मचारियों का सर्विस रिकार्ड चार साल पहले ही तैयार करना होगा। इसके अलावा इन कर्मचारी की वेतन निर्धारण और पेंशन विवरण की जांच करना भी जरूरी होगा।
केंद्र के इस फैसले का लाभ करीब 70 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। सराकर के इस कदम का उद्देश्य रिटायरमेंट के वक्त कर्मचारियों से अचानक होने वाली रिकवरी और कानूनी विवादों पर लगाम लगाना है।
किसी कर्मचारी ने गलती की तो जेब से भरनी होगी राशि
केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के नए तय किए गए नए नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसमें किसी भी प्रकार की गलती की गुंजाइश बिल्कुल भी नहीं है। अगर किसी कर्मचारी व अधिकारी ने गलती कर दी तो उसका भुगतान अपनी जेब से करना होगा। नए नियमों के तहत पदोन्नति, इंक्रीमेंट या एसीपी, एमएसीपी के बाद जारी पे-फिक्सेशन आदेशों का सत्यापन अब 3 महीने या उसी वित्त वर्ष के अंत तक पूरा करना अनिवार्य होगा।
वित्त वर्ष 2025 में केंद्र का कुल पेंशन खर्च 12.3% बढ़कर 3.46 लाख करोड़ रुपए कर दिया है, जिसमें रक्षा पेंशन की हिस्सेदारी 45.57% और सिविल पेंशन की 33.57% है।
पेंशन विवरण के लिए नए नियम
केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के पेंशन वितरण के नए नियम निर्धारित किए गए है। पे एंड अकाउंट्स ऑफिस से वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट जारी होने के बाद कर्मचारी से कोई वसूली नहीं की जा सकेगी। सर्टिफिकेट के बाद भी पे-फिक्सेशन में गड़बड़ी मिलने पर नुकसान की भरपाई मंजूरी देने वाले अधिकारियों से होगी।
