12052 करोड़ रुपये से बनेगा हाईवे प्रधानमंत्री करेंगे शुभारंभ
हाईवे और एक्सप्रसवे के क्षेत्र में आए दिन नई उपलब्धियां सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में एक और एक्सप्रसवे का निर्माण किया जाना है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 12052 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को इस एक्सप्रेसवे के निर्माण का शुभारंभ करेंगे।
देश के बिहार राज्य में बनने वाला यह एक्सप्रेसवे कोसी और सीमांचल क्षेत्र को राजधानी पटना से जोड़ेगा। इसके निर्माण से इस क्षेत्र के लोगों को प्रदेश की राजधानी जाने के लिए विश्वस्तरीय और हाई स्पीड मार्ग मिल जाएगा। यह महत्वकांक्षी परियोजना इस क्षेत्र के विकास में बेहद खास होने वाली है।
दरसअल यह एक्सप्रेसवे कोसी और सीमांचल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के रास्ते खोलने वाला होगा। साथ ही यह बिहार का पहले नेशनल एक्सप्रेस वे होगा। यह रोड सीधा पटना-पूर्णिया को जोड़ेगा। इस परियोजना के तहत यहां पर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। यह सहरसा जिले के पांच प्रखंडों से होकर निकलेगा। इसमें महिषी, सिमरीबख्तियारपुर, सोनवर्षा, सौरबाजार और पतरघट शामिल हैं।
इसके अलावा दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान से राजनपुर से यह हाईवे सहरसा में प्रवेश करेगा। इसके बाद मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा के रास्ते आगे बढ़ेगा। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों को 120 किलोमीटर प्रति घंटा से चलाने की सुविधा मिल जाएगी। इस पर12,052 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
आधा रह जाएगा सफर
फिलहाल पूर्णिया से पटना का सफर करीब 8 घंटे का है। वहीं यह 245 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे पटना से पूर्णिया का सफर सिर्फ 3 से 4 घंटे में पूरा कर देगा। साथ ही इससे बिहार के कई शहर और अन्य क्षेत्र भी जुड़ जाएंगे। क्योंकि यह एक्सप्रेसवे वैशाली जिले के मीरनगर स्थित NH-22 से शुरू होगा। इसके बाद समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा को जोड़ते हुए पूर्णिया के चंद भट्टी स्थित NH-27 को जोड़ देगा। यह मार्ग सीधा पटना रिंग रोड से जुड़ जाएगा।
कृषि से लेकर व्यापर तक को लाभ
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से कृषि से लेकर उद्योग और व्यापार सबको लाभ होगा। क्योंकि इससे बिहार के 6 बड़े जिले जुड़ जाएंगे। इन जिलों के18 शहरों और कस्बों को जुड़ाव मिलने जा रहा है। इससे कोसी और सीमांचल क्षेत्र के किसान कृषि उत्पादों और मखाना, मक्का जैसी फसलों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे।
