New Railway Line : 700 करोड़ की लागत से बिछेगी 100 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन, विकास के साथ व्यापार पकड़ेगा रफ़्तार
Ara-Sasaram New rail line : देश के पुराने रेल मार्गों स्थिति आरा-सासाराम रेल खंड का अब नया दौर शुरू होने जा रहा है।
क्योंकि यह रेलवे लाइन कभी नैरो गेज होती थी। हालांकि समय के साथ इसको ब्रॉडगेज कर दिया गया, लेकिन लाइन सिंगल रही।
इससे रेल यात्रा काफी परेशानी भरी रहती है, लेकिन अब इस रेलखंड का दोहरीकरण करने की तैयारी है। इस परियोजना पर 700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यह रेलखंड करीब 100 किलोमीटर लंबा है। इस लाइन को डबल करने पर 700 करोड़ रुपये खर्च हाेने हैं। यहां रेलवे लाइन का दोहरीकरण होने से मालगाड़ियों के साथ आसानी से यात्री ट्रेनों को भी निकाला जा सकेगा।
वहीं रेल गाड़ियों को क्रांसिंग के लिए रोकना नहीं पड़ेगा।
दरअसल यहां नैरो गेज रेल लाइन कभी सड़क किनारे होती थी। ऐसे में बस में यात्रा करने वाले यात्री रेल गाड़ी के साथ दौड़ का नजारा भी लेते थे। इसके बाद1909 में मार्टिन रेलवे परियोजना शुरू हुई।
इसके तहत आरा-सासाराम रेलखंड पर छोटी लाइन की ट्रेन चलने लगी थी। नैरो गेज रेल लाइन 76 सेंटीमीटर चौड़ी पटरी होती है, जबकि अब ब्रॉड गेज लाइन का जमाना है।
हालांकि 1978 में नैरो गेज लाइन की गाड़ियों को बंद कर दिया गया और 2009 में ब्रॉड गेज का दौर शुरू हो गया।
700 करोड़ की परियोजना तेज होगा सफर
इस परियोजना के तहत 700 करोड़ रुपये खर्च कर आरा-सासाराम रेलखंड के दोहरीकरण का काम किया जाएगा। इससे रेललाइन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। साफ तौर पर ट्रेन का संचालन बेहतर होगा और समय की भी बचत होगी।
