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 गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 2000 एकड़ में तैयार होगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, जमीनों के रेट छुएंगे आसमान 

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक फैला हुआ है। इसमें राज्य के 12 जिले आते हैं। ऐसे में इन सभी जिलों में यह खास औद्योगिक गलियारा विकसित होगा। 
 
2000 एकड़ में तैयार होगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

industrial corridor: देश को तेजी से औद्योगिक विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए एक और महत्वपूर्ण परियोजना तैयार की गई है। इसके तहत 2000 एकड़ में बनने वाले इस औद्योगिक क्षेत्र से रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इसे लिए जमीन चिन्हित की जा रही है। 

यह औद्योगिक क्षेत्र गंगा एक्सप्रेसवे के साथ विकसित होगा। ऐसे में उत्तर प्रदेश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। क्योंकि गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक फैला हुआ है। इसमें राज्य के 12 जिले आते हैं। ऐसे में इन सभी जिलों में यह खास औद्योगिक गलियारा विकसित होगा। 

मेरठ में औद्योगिक क्षेत्र की बात की जाए तो इसको यह क्षेत्र कई बड़ी विदेश कंपनियों को भी आकर्षित कर रहा है।


इसके अलावा देशी निवेशक भी यहां पर काफी रूचि दिखा रहे हैं। इसके तहत मेरठ में बड़ा औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। जो विदेशी निवेश का बड़ा केंद्र बनेगा।


742 एकड़ भूमि का प्रस्ताव


दरअसल मेरठ में जिस औद्योगिक गलियारे की योजना बनाई गई है, यह उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने वाला है। अब इसके तीसरे चरण का काम शुरू करना है।

इसके लिए सरका ने 742 एकड़ जमीन का प्रस्ताव तैयार किया है। स्थानीय राजस्व विभाग इस जमीन के लिए उपलब्धता की तलाश कर रहा है। मेरठ के जिला अधिकारी डॉ. वी के सिंह के अनुसार जिला में जमीन चिन्हित करने और इसकी खरीद की प्रक्रिया की जा रही है। 

530 एकड़ के प्रथम चरण के लिए जमीन खरीद पूरी


मेरठ जिले की ही बात की जाए तो यहां पर औद्योगिक कॉरिडोर के प्रथम चरण के लिए जमीन की खरीद का कार्य पूरा कर लिया गया है।

इसके तहत 530 एकड़ के पहले चरण के लिए अधिकांश जमीन खरीदी जा जा चुकी है। अब उद्योगों के लिए प्लाट आवंटित किए जा रहे हैं। वहीं दूसरे चरण में 722 एकड़ भूमि खरीदी जानी है। 

पहले चरण के विकास की तैयारी


इसके अलावा मेरठ में पहले चरण के औद्योगिक कॉरिडोर के विकास की तैयारी चल रही है। यहां 530 एकड़ में उद्योग लगाए जाएंगे। हालांकि अभी इसी क्षेत्र में करीब 18 हेक्टेयर जमीन पर विवाद है