ठंड बढ़ते ही हवा में घुलने लगा जहर! शरीर में दिखें ये 5 लक्षण तो हो जाएं सावधान
AIR Quality : जैसे ही मौसम में ठंड शुरू होती है, उत्तर भारत के कई राज्य प्रदूषण की गिरफ्त में आने लगते हैं। इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। विशेषकर दिल्ली और NCR क्षेत्रों की बात करें तो हवा में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ रहा है।
हालांकि शरीर में प्रदूषण से पड़ने वाले प्रभाव शुरूआत में ही दिखाई देने लगे हैं, लेकिन कुछ लोग इसको पहचान नहीं पाते। इसको सामान्य रूप से सर्दी का असर मान लेते हैं। यह स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं। इसके लिए जरूरी है कि अपने स्वास्थ्य के साथ एयर क्वािलिटी इंडेक्स या AQI का भी ध्यान रखें।
विषेशज्ञों के अनुसार 5 ऐसे शुरूआती लक्षण हैं, जिससे शरीर में प्रदूषण का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है। इसमें सबसे पहले गले में खराश और खांसी के लक्षण दिखते हैं। इसको हल्के में नहीं लें। क्योंकि जैसे ही मौसम में ठंड शुरू होती है, गले सूखापन होता है। इससे लगातार खांसी होती है। यह प्रदूषण के कारण भी हो सकता है।
क्योंकि हवा हवा में PM2.5 के बारीक कण सांस के साथ शरीर में जाते हैं। यह शरीर पर बेहद गंभीर प्रभाव डालते हैं। इससे अस्थमा या एलर्जी सामान्य सी बात है। ऐसे में शुरूआत में ही जांच करवा लें कि खांसी किसी संक्रमण के कारण है या फिर प्रदूषण के कारण।
इदसके अलावा इस मौसम में आंखों भी बहुत ही सामान्य बात है। लेकिन यह स्वास्थ्य को लेकर बहुत ही गंभीर है। क्योंकि प्रदूषण के कारण आंखों में खुजली और जलन होती है। इससे आंख लाल रहती हैं। कई बार आंखों से पानी भी टपकने लगता है। ऐसे मेें आंखों को बार-बार रगड़ें नहीं। सामान्य पानी से आंखों को साफ करते रहें।
क्या फूल रहा है सांस
प्रदूषण के कारण कई बार श्वांस तंत्र पर अधिक प्रभाव पड़ता है और सांस फूलने लगता है। साथ ही सीने में जकड़न भी महसूस होती है। यह गंभीर हो सकता है। इसको नजरअंदाज करने की बजाय जांच करवानी चाहिए। क्योंकि प्रदूाण का असर फेफड़ों तक हो सकता है।
इसके अलावा अनावश्यक थकान भी एक लक्षण है। इसके प्रभाव से शरीर टूटा रहता है। सिरदर्द या सुस्ती छाई रहती है। शरीर को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिलने से नींद कम आती है और पानी की भी कमी होती है। ऐसे में तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। इसके अलावा इस मौसम में एलर्जी और अस्थमा भी आपको परेशान कर सकते हैं।
