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Success Story : न कोचिंग, न बड़े संस्थान का सहारा, AI- ChatGPT से पढ़कर बनी SDM

 
Success Story : न कोचिंग, न बड़े संस्थान का सहारा, AI- ChatGPT से पढ़कर बनी SDM

Success Story : कहते हैं कि सफलता हासिल करने के लिए महंगे कोचिंग संस्थानों और बड़े शहरों की जरूरत नहीं होती, बल्कि मजबूत इरादे और सही दिशा में की गई मेहनत ही मंजिल तक पहुंचाती है। इस बात को हरियाणा के हिसार की 23 वर्षीय छवि सरदाना ने सच साबित कर दिखाया है। 

हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा में छवि ने पांचवीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि छवि ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया, बल्कि घर पर रहकर सेल्फ स्टडी की। पढ़ाई के दौरान मुश्किल विषयों को समझने और सवालों के जवाब तलाशने के लिए उन्होंने ChatGPT जैसे AI टूल की मदद ली।

हिसार के डोगरान मोहल्ले की रहने वाली छवि सरदाना ने 675 में से 385.80 अंक प्राप्त किए हैं। पहले ही प्रयास में पांचवीं रैंक हासिल करने के बाद उनका एसडीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है। छवि की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से की एलएलबी की पढ़ाई
छवि ने पिछले वर्ष पंजाब के पटियाला स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की थी। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया और यूपीएससी, पंजाब पीसीएस तथा हरियाणा सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने घर पर ही रहकर अपनी पढ़ाई का पूरा शेड्यूल तैयार किया। उनकी दिनचर्या में सुबह जल्दी उठना और नियमित रूप से करीब 8 घंटे पढ़ाई करना शामिल था।

कोचिंग की जगह सेल्फ स्टडी और ChatGPT पर किया भरोसा
छवि की सफलता की सबसे खास बात उनकी तैयारी का तरीका रहा। उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान में दाखिला लेने के बजाय खुद अध्ययन सामग्री जुटाई और विषयों की तैयारी की। पढ़ाई के दौरान जब किसी विषय या सवाल को समझने में परेशानी आती थी तो वह ChatGPT की मदद लेती थीं। AI टूल के माध्यम से कठिन विषयों को आसान भाषा में समझने और अपनी शंकाओं का समाधान करने का प्रयास करती थीं।

पहले प्रयास में ही हासिल कर ली पांचवीं रैंक
HCS परीक्षा में छवि ने अपने पहले ही प्रयास में शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें लिखित परीक्षा में 333 अंक और इंटरव्यू में 52.80 अंक मिले। इस तरह कुल 675 में से उनके 385.80 अंक रहे। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया और एसडीएम बनने की दिशा में बड़ी सफलता प्राप्त की।

UPSC और पंजाब PCS के प्री-एग्जाम भी किए पास
छवि केवल हरियाणा सिविल सेवा तक ही सीमित नहीं थीं, बल्कि वह संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और पंजाब पीसीएस की परीक्षा की तैयारी भी कर रही थीं। उनके पिता चिराग सरदाना के अनुसार, छवि इन दोनों परीक्षाओं के प्रारंभिक चरण में भी सफलता हासिल कर चुकी हैं। हालांकि, इनके आगे के परिणाम आने बाकी हैं। HCS में पांचवीं रैंक मिलने के बाद उनकी मेहनत का सुखद परिणाम सामने आया है।